New Delhi: दिल्ली की भाजपा सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान अपने परिवार के किसी सदस्य को खो चुके लोगों के लिए मुआवजा देने की प्रक्रिया को फिर से शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कोविड से प्रभावित परिवारों को वित्तीय मदद पहुंचाने के लिए एक मंत्री समूह (जीओएम) बनाने का फैसला किया है. ये मंत्री समूह उन सभी मामलों की पहचान करेगा जिनके परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है.
कोविड महामारी के कारण दिल्ली में लगभग 26,700 लोगों की मौत हुई थी. ऐसे में कई परिवारों को मुआवजा मिलना जरूरी था, लेकिन पिछली सरकार के दौरान मुआवजे की संख्या बहुत कम रही. मार्च में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा था कि पिछली आप सरकार ने केवल 97 परिवारों को ही वित्तीय सहायता दी थी, जबकि प्रचार पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए.
इसी कमी को पूरा करने के लिए नई सरकार ने जून के पहले सप्ताह में मंत्री समूह की बैठक बुलाई है. इस समूह में स्वास्थ्य, राजस्व और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल होंगे. ये सभी मामले देखेंगे और जरूरतमंद परिवारों को मुआवजा देने की योजना बनाएंगे.
मंत्री समूह मामलों की जांच करेगा, प्रभावित परिवारों की सूची तैयार करेगा और मुआवजे की राशि तय करेगा. इसके लिए वह सभी विभागों से मदद लेगा. इसके अलावा, समूह यह भी देखेगा कि किन परिवारों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है और उन्हें प्राथमिकता से सहायता दी जाए.
दिल्ली में पहले भी कोविड मुआवजा देने के लिए एक मंत्री समूह बना था, लेकिन उस समय की सरकार की तरफ से सहायता सीमित रही. नई सरकार इस कमी को दूर कर एक बेहतर व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रही है.
यह कदम उन परिवारों के लिए राहत लेकर आया है जो कोविड के कारण अपने प्रियजन खो चुके हैं और आर्थिक मदद की उम्मीद में थे. अब जून में होने वाली बैठक के बाद ही साफ हो पाएगा कि कितने परिवारों को मुआवजा मिलेगा और किस मात्रा में. कोविड महामारी ने देश और राजधानी दिल्ली को गहरा झटका दिया था. ऐसे में उन परिवारों की मदद करना जो इस आपदा में सबसे ज्यादा प्रभावित हुए सरकार की जिम्मेदारी है. रेखा सरकार का यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे महामारी की उस गहरी चोट को कुछ हद तक भरने में मदद मिलेगी. First Updated : Thursday, 29 May 2025