गैंगस्टर से नेता बने दिवंगत मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी को गाजीपुर पुलिस ने लखनऊ के दारुल शफा इलाके में स्थित विधायक आवास से गिरफ्तार किया है. उमर को गाजीपुर जिले में दर्ज एक जालसाजी और धोखाधड़ी के मामले में पकड़ा गया है. गिरफ्तारी के बाद उमर को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गाजीपुर ले जाया गया है.
गाजीपुर पुलिस के मुताबिक, उमर अंसारी पर आरोप है कि उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए अवैध रूप से संपत्ति हासिल की. इस मामले में उनके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था, जिसमें वह लंबे समय से वांछित चल रहे थे. अदालत में इस संपत्ति विवाद को लेकर कार्यवाही जारी है, लेकिन उमर को अभी तक राहत नहीं मिल पाई थी.
सूत्रों के अनुसार, उमर अंसारी ने इस मामले में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी, लेकिन नवंबर 2022 में अदालत ने इसे खारिज कर दिया था. इसके बाद से ही गाजीपुर पुलिस को उनकी तलाश थी. गिरफ्तारी के समय उमर लखनऊ में रह रहे थे, जहां से गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.
उमर अंसारी पर धोखाधड़ी, जालसाजी और अतिक्रमण जैसे कई गंभीर आरोपों में केस दर्ज हैं. गाजीपुर और लखनऊ में उनके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे लंबित हैं. इतना ही नहीं, 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के एक मामले में उन्हें हाईकोर्ट से सशर्त अंतरिम जमानत मिली थी. एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अस्थायी रोक लगाई थी.
गौरतलब है कि उमर के बड़े भाई अब्बास अंसारी, जो सुभासपा से विधायक भी रह चुके हैं, को भड़काऊ भाषण देने के आरोप में अयोग्य घोषित कर दिया गया है. अब्बास पर भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं. अब उमर की गिरफ्तारी से अंसारी परिवार एक बार फिर सुर्खियों में है.
गाजीपुर पुलिस ने बताया है कि उमर अंसारी की गिरफ्तारी को लेकर विस्तृत जानकारी आज एक प्रेस वार्ता में दी जाएगी. वहीं, इस गिरफ्तारी को कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
First Updated : Monday, 04 August 2025