उत्तर प्रदेश: नोएडा में पुलिस ने एक अनोखे चोर गैंग का भंडाफोड़ किया है. इस गैंग की सबसे बड़ी खासियत थी दो हमशक्ल जुड़वा भाई, जो अपनी एक जैसी सूरत का फायदा उठाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे. पुलिस भी इनके चेहरे देखकर बार-बार धोखा खा जाती थी. इस मामले में चार आरोपियों को पकड़ा गया है और उनके पास से लाखों रुपये की चोरी की बाइक और पार्ट्स बरामद हुए हैं.
हमशक्ल भाइयों की चालाकी
इस गिरोह के सरगना था जुड़वा भाई अरमान (उर्फ सुट्टा) और उलमान. दोनों की शक्ल-सूरत बिल्कुल एक जैसी थी. ये दोनों एक ही तरह के कपड़े पहनते और आपस में जगह बदल लेते थे. योजना कुछ इस तरह थी कि एक भाई कबाड़ की दुकान पर बैठकर ग्राहकों से बात करता रहता, ताकि उसका अलिबाई मजबूत रहे. इसी बीच दूसरा भाई बाहर निकलकर फिल्मी स्टाइल में चोरी कर लेता.
जब पुलिस पूछताछ करती तो दुकान पर बैठा भाई कहता कि वह तो पूरा समय दुकान पर था. चेहरा एक जैसा होने से गवाह और पुलिस भी कन्फ्यूज हो जाते थे. इस तरकीब से ये लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहे.
15 लाख का सामान बरामद
पुलिस ने सोमवार को सेक्टर-14ए के पास छापा मारकर चारों आरोपियों को धर दबोचा. गिरफ्तार लोगों में जुड़वा भाई अरमान और उलमान के अलावा शादाब (उर्फ रुतबा) और विजय शामिल हैं. इनके पास से 15 चोरी की दोपहिया वाहन बरामद हुए हैं. इसके अलावा 12 पेट्रोल टैंक, 5 साइलेंसर, 5 मुखोटे, 4 मडगार्ड और 2 टायर रिम भी मिले. पुलिस के अनुसार सभी बरामद सामान की कीमत करीब 15 लाख रुपये है.
चोरी की पूरी प्लानिंग
जांच में पता चला कि ये लोग दिल्ली, नोएडा और आसपास के एनसीआर इलाकों में सक्रिय थे. सोसाइटियों, कंपनियों और फैक्ट्रियों के बाहर खड़ी बाइक-स्कूटर की पहले रेकी करते थे. फिर मौका देखकर लॉक तोड़कर वाहन चुरा लेते. चोरी के बाद इन गाड़ियों को कबाड़ियों के पास ले जाते थे, जहां इन्हें काटकर पार्ट्स अलग कर देते थे.
बता दें, ये पार्ट्स बाजार में अच्छे दामों पर बेचे जाते है. कभी-कभी पूरी बाइक या स्कूटी को कम कीमत पर दूसरे राज्यों में बेच देते थे. पुलिस का कहना है कि जुड़वा भाइयों की यह तरकीब काफी दिन तक कामयाब रही, लेकिन आखिरकार सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों से इनका खेल खत्म हो गया. अब सभी आरोपी जेल में हैं और आगे की जांच जारी है. First Updated : Tuesday, 06 January 2026