Yogi Adityanath action: उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई रुकने का नाम नहीं ले रही है. बीते 10 दिनों में यूपी पुलिस ने 10 बड़े इनामी अपराधियों को मुठभेड़ों में ढेर कर दिया है. इनमें ढाई लाख के इनामी विनीत भाटी और एक लाख के इनामी इफ्तेखार, इमरान, अरशद और नईम जैसे नाम शामिल हैं. योगी आदित्यनाथ सरकार की नो टॉलरेंस नीति अब ज़मीनी स्तर पर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है.
सिर्फ 48 घंटे के भीतर राज्यभर में 20 से अधिक मुठभेड़ें हुईं. इन कार्रवाइयों ने अपराधियों में दहशत भर दी है. न किसी की जाति देखी गई, न धर्म, जो अपराध करेगा, वो बचेगा नहीं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही चेतावनी दे चुके हैं, “उत्तर प्रदेश में अपराध करने वालों को गोली मिलेगी.” पुलिस की यह नीति अब अमल में लाई जा रही है.
कौशांबी जिले में तीन दिन पहले एक नवविवाहिता की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने महज 48 घंटे में आरोपी बलवीर को पकड़ लिया. गिरफ्तारी के वक्त उसने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से घायल हो गया. वह अब अस्पताल में भर्ती है और जल्द ही जेल भेजा जाएगा.
9 अक्टूबर को रॉबर्ट्सगंज में महिला थाना और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने एक मुठभेड़ में तीन बदमाशों को घायल कर गिरफ्तार किया. ये लोग एक महिला से लूटपाट और छेड़छाड़ में शामिल थे. मौके से तीन देसी तमंचे, जिंदा कारतूस, मोबाइल और नकदी बरामद की गई.
औरैया जिले में अछल्दा थाना क्षेत्र के बझेरी पुलिया के पास 25 हजार के इनामी अपराधी राजनेश को पुलिस ने मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार किया. आरोपी पर हत्या और हत्या की कोशिश के कई मामले दर्ज थे. मुठभेड़ के दौरान उसने पुलिस पर गोली चलाई, लेकिन घायल होकर पकड़ा गया.
बरेली में 8 अक्टूबर को कासगंज निवासी इफ्तेखार को मुठभेड़ में मार गिराया गया. उसकी मौत के बाद अपराधियों में डर का माहौल है. इस कार्रवाई की खबर फैलते ही सहारनपुर गोलीकांड का आरोपी प्रशांत कुमार थाने पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया.
योगी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है, “यूपी में अपराध नहीं चलेगा. अगर अपराध किया, तो अंजाम भुगतना पड़ेगा.” बीते 8 वर्षों में उत्तर प्रदेश पुलिस ने 14,973 मुठभेड़ें की हैं, जिनमें 239 अपराधी मारे गए हैं. सबसे ज्यादा एनकाउंटर मेरठ जोन में हुए हैं. First Updated : Sunday, 12 October 2025