Farrukhabad Private Jet Crash: यूपी के फर्रुखाबाद की हवाई पट्टी पर गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया. यहां उड़ान भरते समय एक निजी विमान अचानक अनियंत्रित होकर रनवे से फिसल गया और पास की झाड़ियों में जा गिरा. विमान में सवार सभी यात्री और दोनों पायलट बाल-बाल बच गए. घटना के बाद मौके पर जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों में हड़कंप मच गया.
जानकारी के अनुसार, यह हादसा मोहम्मदाबाद के राजकीय हवाई पट्टी पर हुआ, जहां जेट सर्विस एवियेशन प्राइवेट लिमिटेड का चार्टर विमान टेकऑफ के दौरान नियंत्रण खो बैठा. विमान में मौजूद छह लोगों में से किसी को कोई गंभीर चोट नहीं आई है. बताया जा रहा है कि विमान भोपाल के लिए रवाना होने वाला था.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह करीब 10:30 बजे विमान ने जैसे ही रनवे से उड़ान भरने की कोशिश की, तभी वह अचानक असंतुलित होकर झाड़ियों की ओर मुड़ गया. रनवे पर लगभग 400 मीटर दौड़ने के बाद विमान झाड़ियों में जाकर रुक गया. विमान में मौजूद कंपनी के अधिकारी और पायलट किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाले गए.
Farrukhabad Private Jet Crash: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में बड़ा हवाई हादसा टल गया. यहां एक निजी चार्टर विमान उड़ान भरते समय अनियंत्रित होकर रनवे से फिसल गया और झाड़ियों में जा गिरा. विमान में सवार सभी यात्री और दोनों पायलट बाल-बाल बच गए. हादसे के बाद मौके पर प्रशासनिक अफसर और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत पहुंची और राहत कार्य शुरू किया.
इस निजी चार्टर विमान में वुडपैकर ग्रीन एंग्री न्यूट्री पैड प्राइवेट लिमिटेड के एमडी अजय अरोड़ा, एसबीआई अधिकारी सुमित शर्मा, वाइस प्रेसीडेंट (ऑपरेशंस) राकेश टीकू, यूपी प्रोजेक्ट हेड मनीष पांडेय, और पायलट कैप्टन नसीब बामन और कैप्टन प्रतीक फर्नांडिज सवार थे. सभी भोपाल से आए थे और खिमसेपुर औद्योगिक क्षेत्र में बन रही बीयर फैक्ट्री का निरीक्षण करने पहुंचे थे.
पुलिस और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, विमान के एक पहिए में हवा का दबाव कम था. इससे टेकऑफ के दौरान संतुलन बिगड़ गया और विमान रनवे से उतर गया. कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और बाद में कार से रवाना हो गए.
वुडपैकर ग्रीन कंपनी के यूपी प्रोजेक्ट हेड मनीष कुमार पांडेय ने पायलट पर गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि पायलट को पहले से ही पता था कि विमान के पहिए में हवा कम है, बावजूद इसके उसने उड़ान भरने की कोशिश की. उन्होंने कहा, "यह पूरी तरह लापरवाही का मामला है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था."
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम सदर रजनीकांत पांडेय, सीओ अजय वर्मा, अपर उप जिलाधिकारी रविंद्र कुमार, और फायर ब्रिगेड अधिकारी आशीष वर्मा तुरंत मौके पर पहुंचे. जांच में सामने आया कि विमान को लैंडिंग की सूचना प्रशासन को केवल आधा घंटा पहले दी गई थी, जबकि टेकऑफ की जानकारी लगभग 25 मिनट पहले दी गई थी.
फायर ब्रिगेड ने बताया कि उन्हें इस फ्लाइट की जानकारी 12 घंटे पहले नहीं दी गई थी और न ही आवश्यक ट्रेजरी फीस जमा की गई थी. यह भी बताया गया कि आगरा से दूसरी फ्लाइट के जरिए कंपनी के अधिकारी भोपाल रवाना होंगे.
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि विमान को केवल मामूली नुकसान पहुंचा है. सामने का हिस्सा थोड़ा झुका हुआ है, लेकिन बड़ा नुकसान नहीं हुआ. SHO विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि सभी यात्री और पायलट सुरक्षित हैं, किसी को कोई चोट नहीं आई. First Updated : Thursday, 09 October 2025