Bihar Politics: बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन के लिए बड़ा भूचाल आया है. राजद ने बुधवार को मोहनिया विधानसभा सीट से वरिष्ठ नेता छेदी पासवान के बेटे और निर्दलीय प्रत्याशी रवि पासवान को अपना समर्थन दिया है. यह परिवर्तन उसी दिन हुआ, जब राजद की आधिकारिक उम्मीदवार श्वेता सुमन का नामांकन रद्द कर दिया गया था. इस रद्दीकरण के कारण पार्टी के पास उस सीट पर तत्काल कोई नाम नहीं बचा था.
नामांकन पत्र रद्द होते ही श्वेता सुमन ने मीडिया के सामने आकर चुनाव आयोग पर राजनीतिक दबाव के तहत कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि दिल्ली से निर्देश दिए गए थे कि उनके नामांकन को खारिज किया जाए. भावुक होकर उन्होंने यह भी कहा कि वे इस फैसले को न्यायालय में चुनौती देंगी और इसे उनका अभियान कमजोर करने की जानबूझकर की गई कोशिश करार दिया.
श्वेता सुमन के मुताबिक, राजद पक्ष द्वारा निष्पक्षता के साथ व्यवहार नहीं हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उम्मीदवार संगीता कुमारी का नामांकन समय पर किया गया था, लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं हुई. उनका यह कहना था कि कांग्रेस उम्मीदवार के साथ इस तरह का भेदभाव गवारा नहीं है.
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यह घटनाक्रम महागठबंधन के लिए चुनौतियों का संकेत है. विपक्षी दलों के बीच पहले ही सीट बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था और अब मोहनिया के रुख ने उस तनाव को और उजागर कर दिया है. चिराग पासवान ने भी इस स्थिति पर तीखा बयान देते हुए कहा कि गठबंधन “पहले ही टूट चुका है” और अगर दल अपनी कड़ी नहीं संभाल सकते तो जनता को कैसे संभालेंगे?
हालांकि, राजद-जोड़ियों में उठते विवाद पर अशोक गहलोत और कृष्णा अल्लावरु जैसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने गठबंधन की स्थिरता की पुष्टि की. गहलोत ने कहा कि गठबंधन “पूरी तरह एकजुट” है और विपक्ष के सामने आने वाली किसी भ्रमित रणनीति को सफल नहीं होने देंगे.
बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों 6 और 11 नवंबर को में होंगे और मतगणना 14 नवंबर को. मोहनिया प्रकरण ने न सिर्फ उस सीट पर बल्कि पूरे राज्य की राजनीतिक दिशा पर असर डाला है. राजद एवं सहयोगी दलों के लिए यह एक परीक्षण‑क्षण है कि वे अपनी रणनीति व तालमेल को कितनी मजबूती से तय कर पा रहे हैं. First Updated : Wednesday, 22 October 2025