कानपुर में हुए चर्चित लैंबॉर्गिनी हादसे के चार दिन बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है. शिवम, शहर के तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा का बेटा है. सूत्रों के मुताबिक वह अदालत में आत्मसमर्पण करने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसके घर पर पहुंचकर उसे पकड़ लिया.
बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के तुरंत बाद शिवम को मेडिकल जांच के लिए एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया. आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा. इससे एक दिन पहले बुधवार को मोहन नामक व्यक्ति ने कोर्ट में सरेंडर कर खुद को कार का चालक बताया था. लेकिन पुलिस ने जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर इस दावे को भ्रामक मानते हुए शिवम को ही मुख्य आरोपी मानकर कार्रवाई की.
घटना रविवार दोपहर की है, जब वीआईपी रोड पर दिल्ली नंबर की तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी अनियंत्रित होकर फुटपाथ पर चढ़ गई थी. हादसे में चमनगंज निवासी तौफीक अहमद गंभीर रूप से घायल हो गए, उनके पैर में गहरी चोट आई. वहीं बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार विशाल और सोनू त्रिपाठी भी इस टक्कर में जख्मी हुए. तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़ी एक ऑटो और बुलेट बाइक को भी बुरी तरह नुकसान पहुंचाया. दुर्घटना के बाद चालक कार छोड़कर मौके से फरार हो गया था.
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और वाहन के नंबर के आधार पर जांच आगे बढ़ाई. सोमवार और मंगलवार के दौरान शिवम मिश्रा का नाम सामने आया. इसके बाद पुलिस ने उस पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया. बुधवार को ड्राइवर के कथित आत्मसमर्पण को पुलिस ने जांच को भटकाने की कोशिश बताया. गुरुवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शिवम को पकड़ लिया.
अब पूरे मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हैं. पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी. First Updated : Thursday, 12 February 2026