समाजवादी पार्टी (सपा) के संभल से विधायक इकबाल महमूद ने कांवड़ यात्रा को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया है, जिसने राजनीतिक चर्चा को तेज कर दिया है. उन्होंने कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों की तुलना में गुंडों की संख्या ज्यादा होने का दावा किया और कहा कि ये लोग सड़कों पर तोड़फोड़ और गुंडागर्दी कर रहे हैं. महमूद ने साफ कहा कि ऐसे उपद्रवी लोगों की जगह जेल में होनी चाहिए. उनका यह बयान कांवड़ यात्रा की पवित्रता और उसमें भाग लेने वाले लोगों के व्यवहार पर सवाल उठा रहा है.
इकबाल महमूद ने मुजफ्फरनगर की एक घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कांवर यात्रियों ने बच्चों को ले जा रही एक स्कूल वैन में तोड़फोड़ की थी. उन्होंने चिंता जताई कि आज की कांवड़ यात्रा में सच्चे शिव भक्तों की संख्या बहुत कम रह गई है, जबकि उपद्रव करने वालों की तादाद ज्यादा हो गई है. उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर समस्या है और सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा, “ये लोग अच्छे कर्म नहीं कर रहे, बल्कि दूसरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं. इनके कर्मों का हिसाब परलोक में होगा.”
इकबाल महमूद ने इससे पहले करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेंद्र राणा की टिप्पणी पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी. योगेंद्र राणा ने समाजवादी पार्टी की सांसद इकरान पर विवादित ‘निकाह कुबूल है, कुबूल है’ वाली टिप्पणी की थी, जिस पर महमूद ने कहा था कि ऐसे लोग गलत हैं और उनकी जगह जेल होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारे समाज में सभी वर्गों के लोग रहते हैं और हमें इस तरह की घृणात्मक बयानबाजी का विरोध करना चाहिए.
उन्होंने हिंदू समाज से अपील की है कि वे ऐसे विवादित बयान देने वालों के खिलाफ आवाज उठाएं और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने की कोशिश करें. महमूद ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस मामले का संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि ऐसे लोगों को सबक मिले और समाज में शांति बनी रहे.
इकबाल महमूद के बयान ने कांवड़ यात्रा को लेकर बहस को और अधिक गर्मा दिया है. जहां एक ओर कई लोग उनके बयान को उचित मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे गलत और असंवेदनशील बता रहे हैं. इस बयान ने कांवड़ यात्रा की पवित्रता, उसमें शामिल लोगों के व्यवहार और राजनीतिक दलों के बीच तनाव को भी बढ़ा दिया है. ऐसे में इस मुद्दे पर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा. First Updated : Monday, 21 July 2025