Bihar Assembly Election 2025 : मिथिला की लोकप्रिय लोक गायिका मैथिली ठाकुर को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है. चर्चाएं जोरों पर हैं कि वे बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के टिकट पर चुनावी मैदान में उतर सकती हैं. हालांकि, अभी तक यह सिर्फ अटकलों का विषय है, लेकिन हाल ही में मैथिली ठाकुर की केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और बीजेपी के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े से हुई मुलाकात ने इन अटकलों को और मजबूती दी है.
बेनीपट्टी सीट की चर्चा सबसे तेज
आपको बता दें कि मैथिली ठाकुर मूल रूप से मधुबनी जिले के बेनीपट्टी की रहने वाली हैं. यही कारण है कि अगर बीजेपी उन्हें टिकट देती है, तो बेनीपट्टी विधानसभा सीट से चुनाव लड़वाना एक स्वाभाविक विकल्प माना जा रहा है. बेनीपट्टी सीट पर ब्राह्मण मतदाताओं की अच्छी-खासी संख्या है, और यह सीट ब्राह्मण बहुल क्षेत्र मानी जाती है. पिछले कई वर्षों से यहां से जीतने वाले अधिकतर विधायक ब्राह्मण समुदाय से ही रहे हैं.
2020 में विनोद नारायण झा को मिली थी जीत
इतिहास पर नजर डालें तो 1972 के बाद से तेज नारायण झा, युगेश्वर झा और विनोद नारायण झा जैसे नेताओं ने इस सीट पर प्रतिनिधित्व किया है. 2015 में युगेश्वर झा की बेटी भावना झा ने कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी, जबकि 2020 के चुनाव में फिर से बीजेपी के विनोद नारायण झा को जीत मिली थी. ऐसे में अगर पार्टी पुराने चेहरों की जगह नए और युवा चेहरे को मौका देना चाहे, तो मैथिली ठाकुर उपयुक्त विकल्प हो सकती हैं.
अलीनगर सीट भी बन सकती है विकल्प
अगर किसी कारणवश मैथिली ठाकुर को बेनीपट्टी से टिकट नहीं मिलता, तो दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट उनके लिए विकल्प बन सकती है. मौजूदा समय में इस सीट से बीजेपी के विधायक मिश्री लाल यादव हैं, जिन पर हाल ही में पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप लगे हैं. चर्चा है कि वे आरजेडी में शामिल हो सकते हैं, या फिर उन्हें विधान परिषद अथवा राज्यसभा भेजने की योजना बनाई जा सकती है. ऐसे हालात में पार्टी यहां से मैथिली ठाकुर को मैदान में उतार सकती है.
स्टार प्रचारक के तौर पर भी देख रही है पार्टी
बीजेपी में यह रणनीति भी बन रही है कि अगर मैथिली ठाकुर को टिकट नहीं भी दिया गया, तो उन्हें आगामी विधानसभा चुनावों में स्टार प्रचारक के रूप में उतारा जाए. मिथिला क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता और सांस्कृतिक पहचान को देखते हुए यह भूमिका भी पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. खासकर मधुबनी और दरभंगा जिलों में उनके प्रभाव से पार्टी को अतिरिक्त बढ़त मिलने की संभावना है.
खबरें अभी सिर्फ अटकलों तक सीमित
भले ही मैथिली ठाकुर के चुनाव लड़ने की खबरें अभी सिर्फ अटकलों तक सीमित हैं, लेकिन जिस तरह से राजनीतिक गतिविधियां तेज हुई हैं, वह संकेत जरूर देती हैं कि बीजेपी उनके चेहरे को आगामी चुनाव में भुनाने की रणनीति पर काम कर रही है. अब देखना दिलचस्प होगा कि वे सच में राजनीति में कदम रखती हैं या फिर फिलहाल अपने सांस्कृतिक मिशन तक ही सीमित रहती हैं.
First Updated : Monday, 06 October 2025