मेरठः मेरठ के कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण के मामले को लेकर शुक्रवार को स्थिति पांच घंटे बीत जाने के बाद भी तनावपूर्ण बनी हुई है. पीड़ित परिवार और ग्रामीण कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं. परिजन आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी, उनके घरों पर बुलडोजर चलाने और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. परिवार का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे मृतक महिला सुनीता का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे.
स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और परिजनों को शांत करने का प्रयास कर रहे हैं. अधिकारी लगातार बातचीत कर रहे हैं, लेकिन परिजन किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं हैं. प्रशासन ने कहा कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन परिवार तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं.
स्थिति को देखते हुए, समाजवादी पार्टी (सपा) और अन्य दलों के नेताओं को गांव में प्रवेश की अनुमति दी गई. सपा की महिला नेता नेहा गौड़ ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को चूड़ियां सौंपकर विरोध जताया. इसके अलावा, समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान और आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष सहित अन्य नेता भी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया.
गांव में तनावपूर्ण माहौल के चलते सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. पुलिस और प्रशासन लगातार परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं. समाचार लिखे जाने तक कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई थी. प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी.
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीजेपी की तरफ से पूर्व सांसद संजीव बालियान शुक्रवार दोपहर को कपसाड़ पहुंचे. उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें न्याय मिलने का भरोसा दिलाया.
सपा की नेत्री नेहा गौड़ ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए एसपी देहात अभिजीत सिंह को चूड़ियां सौंपकर विरोध जताया. एसपी ने चूड़ियां स्वीकार कर उन्हें साथ लेकर चले. यह घटना पूरे क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक तनाव को और बढ़ा रही है.
First Updated : Friday, 09 January 2026