दूसरे कमरे में था पति, बेटे के साथ पत्नी ने 13वीं मंजिल से लगा दी छलांग, सुसाइड नोट में लिखी ये बात

नोएडा एक्सटेंशन की एसी सिटी सोसाइटी में एक मां साक्षी चावला और उनके 11 वर्षीय बेटे दक्ष ने 13वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. बेटा मानसिक बीमारी से जूझ रहा था और मां मानसिक तनाव में थीं. पुलिस को सुसाइड नोट मिला जिसमें किसी को दोषी न ठहराने की बात लिखी गई. पति घर में मौजूद थे. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

calender

Noida Mother Son Suicide News : नोएडा एक्सटेंशन के एक हाई-राइज रिहायशी सोसाइटी में शनिवार सुबह दिल दहला देने वाली घटना घटी, जब एक मां और उसके 11 वर्षीय बेटे ने कथित रूप से 13वीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली. यह दर्दनाक हादसा ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित एसी सिटी सोसाइटी में सुबह लगभग 10 बजे हुआ, जो बिसरख थाना क्षेत्र में आता है. पुलिस के मुताबिक, मां साक्षी चावला (उम्र 37) और उनका बेटा दक्ष चावला दोनों की मौके पर ही मौत हो गई.

बेटे की मानसिक स्थिति से परेशान थी मां
प्राथमिक जांच में सामने आया कि बेटा दक्ष पिछले कई वर्षों से मानसिक बीमारी से पीड़ित था, और मां उसका लंबे समय से इलाज करवा रही थीं. बीमारी के चलते साक्षी चावला काफी मानसिक दबाव में थीं, जिससे वे डिप्रेशन जैसी स्थिति से गुजर रही थीं. पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें साक्षी ने अपने पति से माफी मांगते हुए लिखा कि वे स्वेच्छा से दुनिया छोड़ रहे हैं और किसी को इसके लिए दोषी न ठहराया जाए.

पति कमरे में था मौजूद, पुलिस कर रही जांच
घटना के समय पति दर्पण चावला, जो कि गुरुग्राम में चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, घर पर ही थे. पुलिस को दिए बयान में उन्होंने बताया कि सुबह करीब 9 बजे उन्होंने पत्नी से बेटे को दवा देने के लिए कहा था, और फिर अपने कमरे में चले गए. इसके कुछ ही समय बाद यह दर्दनाक घटना हुई.

मौके पर जमा हो गई भीड़ 
स्थानीय निवासियों की भीड़ मौके पर जमा हो गई और पुलिस ने इलाके को घेर कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं. मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर साक्षी ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया.

सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज की लापरवाही और परिवार पर बढ़ते मानसिक दबावों को उजागर करती है. एक मां का अपने बच्चे के साथ आत्महत्या जैसा कदम उठाना, इस बात का प्रतीक है कि मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना कितनी बड़ी त्रासदी का रूप ले सकता है. First Updated : Saturday, 13 September 2025