आगरा में बड़ा हादसा, यमुना में गिरी श्रीलक्ष्मी देवी मंदिर की दीवार, मची अफरा-तफरी... 25 से ज्यादा लोग बहे

आगरा के बल्केश्वर स्थित महालक्ष्मी मंदिर की दीवार यमुना में आई बाढ़ के कारण ढह गई. हादसे के वक्त मंदिर में भारी भीड़ मौजूद थी, जिससे अफरातफरी मच गई. दीवार गिरने से कुछ लोगों के डूबने की आशंका जताई गई, लेकिन कोई पुष्टि नहीं हुई. गोताखोरों और एनडीआरएफ ने सर्च ऑपरेशन चलाया. प्रशासन सतर्क है और पूरे मामले की जांच जारी है.

calender

Temple Platform Collapsed in Agra : आगरा के बल्केश्वर क्षेत्र में सोमवार शाम एक बड़ा हादसा हुआ, जब यमुना में आई बाढ़ के चलते महालक्ष्मी मंदिर की 20 फुट ऊंची दीवार भरभराकर गिर गई. यह हादसा करीब शाम 6:30 बजे हुआ, जब मंदिर में आरती चल रही थी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर के गर्भगृह की ओर जा रहे थे या दीवार के पास खड़े होकर यमुना का दृश्य देख रहे थे.

लोगों के गिरने की आशंका, कोई पुष्टि नहीं
हादसे के तुरंत बाद अफरातफरी मच गई. दीवार गिरने के साथ ही लोगों ने मंदिर से बाहर की ओर दौड़ लगाई. शुरुआती अफवाहों में कई लोगों के दीवार और मलबे के साथ यमुना में बह जाने की आशंका जताई गई, लेकिन प्रशासन की ओर से किसी की गिरने की पुष्टि नहीं हुई है. मंदिर परिसर की देखरेख कर रहे चौकीदार रवि की मां गुड्डी देवी ने बताया कि हादसे के समय लोग दीवार के सहारे खड़े होकर बाढ़ का पानी देख रहे थे.

गोताखोरों और एनडीआरएफ की टीम ने की तलाश
थाना कमला नगर पुलिस घटनास्थल पर तुरंत पहुंच गई और मंदिर परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी. इसके बाद चार निजी गोताखोरों को बुलाया गया, जिन्हें लाइफ जैकेट पहनाकर यमुना में उतारा गया. उन्होंने लगभग 25 मिनट तक खोजबीन की, लेकिन कोई व्यक्ति नहीं मिला. इसके बाद एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची और मोटरबोट के माध्यम से बाढ़ग्रस्त क्षेत्र की गहन तलाश की, जो रात 10 बजे तक चली. किसी के न मिलने पर टीम को वापस बुला लिया गया.

घायल हुए दो लोग, अब तक संपर्क में नहीं
स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे में दो लोग घायल हुए, जिनमें से एक युवक के सिर से खून बहता देखा गया. हालांकि ये दोनों घायल व्यक्ति पुलिस के समक्ष नहीं आए हैं. प्रशासन अब उनके बारे में जानकारी जुटा रहा है.

मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि शुरुआती आशंका के बावजूद अब तक किसी के यमुना में गिरने की पुष्टि नहीं हो सकी है. प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

स्थिति पर प्रशासन की नजर
महालक्ष्मी मंदिर यमुना के किनारे स्थित है और बाढ़ का पानी लगातार किनारों को नुकसान पहुंचा रहा है. प्रशासन की ओर से लोगों को नदी किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है. यह घटना प्रशासनिक सतर्कता की परीक्षा भी है और बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सुरक्षा के प्रति बरती जाने वाली सावधानी की गंभीर आवश्यकता को रेखांकित करती है. First Updated : Monday, 08 September 2025