Bihar Assembly elections: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन (INDIA Bloc) में सीटों के बंटवारे को लेकर घमासान तेज हो गया है. वजह है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और पशुपति पारस गुट की लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) ने भी गठबंधन में शामिल होने का ऐलान कर दिया है. इसी बीच, बड़े दल अपनी सीटों की मांग पर अड़े हुए हैं, जिससे समीकरण और मुश्किल हो गए हैं.
बिहार की कुल 243 विधानसभा सीटें अब आठ दलों- राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, वीआईपी, एलजेपी (पारस) और जेएमएम के बीच बंटेंगी. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने बैठक के बाद कहा कि दो और दल जल्द ही इंडिया ब्लॉक का हिस्सा बनने वाले हैं और हमें अपने हिस्से की सीटों में कटौती कर नए साथियों को जगह देनी होगी.
कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वो 70 सीटों से नीचे समझौता नहीं करेगी. वहीं, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने 60 सीटों और उपमुख्यमंत्री पद की मांग रखी है. सीपीआई-एमएल ने अपने पुराने प्रदर्शन का हवाला देते हुए कम से कम 40 सीटों की मांग की है. RJD 150 सीटों से नीचे तैयार नहीं. RJD का कहना है कि वह 150 सीटों से कम पर चुनाव नहीं लड़ेगा. 2020 विधानसभा चुनाव में RJD ने 144 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से उसे 75 पर जीत मिली थी. कांग्रेस ने 70 में से 19 सीटें जीती थीं. सीपीआई-एमएल ने 19 में से 12 सीटों पर जीत दर्ज की थी. सीपीएम ने 4 में से 2 और सीपीआई ने 6 में से 2 सीटें जीती थीं.
RJD नेता तेजस्वी यादव पहले ही खुद को महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर चुके हैं. आरा में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के अंतिम चरण पर उन्होंने नीतीश सरकार को घेरते हुए कहा कि तेजस्वी आगे-आगे, सरकार पीछे-पीछे. ओरिजिनल सीएम चाहिए कि डुप्लीकेट? तेजस्वी यादव ने सरकार पर उनके विचारों की नकल करने का आरोप लगाया और कहा कि जनता को असली विकल्प चाहिए.
First Updated : Monday, 08 September 2025