मध्य प्रदेश के नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले में गुरुवार को सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली, जब दो कुख्यात और लंबे समय से वांछित नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया. पुलिस के अनुसार, दोनों नक्सलियों दीपक और रोहित ने बिरसा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोरका स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल कैंप में हथियार डाल दिए.
इन दोनों पर संयुक्त रूप से 43 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां इन्हें अत्यंत अहम लक्ष्य मानती थीं. अधिकारियों ने बताया कि दीपक, पलागोंडी का निवासी है, उस पर 29 लाख रुपये का इनाम था, जबकि रोहित पर 14 लाख रुपये की इनामी राशि घोषित की गई थी. दोनों कई वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय नक्सली नेटवर्क का हिस्सा थे और सुरक्षा बलों पर हुए अनेक हमलों से भी इनके नाम जुड़े रहे हैं. पुलिस और सीआरपीएफ लगातार इनकी तलाश में थीं और इन्हें संगठन के महत्वपूर्ण कैडर में शामिल माना जाता था.
सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने इस आत्मसमर्पण को क्षेत्र में चल रहे अभियान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है. एक अधिकारी के अनुसार, संयुक्त अभियान, लगातार दबाव और जमीन पर प्रभावी रणनीति ने इन नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने पर मजबूर किया. उन्होंने कहा कि इस कदम से इलाके में सक्रिय नक्सली तंत्र को गहरा झटका लगेगा और सुरक्षा परिदृश्य और मजबूत होगा.
पुलिस के मुताबिक, दोनों नक्सली अब मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जीने की इच्छा व्यक्त कर चुके हैं. प्रशासन की ओर से उन्हें पुनर्वास योजना के तहत सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी. यह योजना उन नक्सलियों को आर्थिक और सामाजिक समर्थन देती है जो हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज में वापस शामिल होना चाहते हैं.
जिले के पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने जानकारी दी कि दीपक और रोहित के आत्मसमर्पण के बाद अब बालाघाट जिले में कोई भी कट्टर और उच्च-स्तरीय नक्सली सक्रिय नहीं बचा है. उन्होंने इसे जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह घटना आने वाले समय में अन्य नक्सलियों को भी आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित कर सकती है.
अधिकारियों का मानना है कि बालाघाट सहित आसपास के क्षेत्रों में नक्सलियों की पकड़ पिछले कुछ समय से कमजोर पड़ रही है. सुरक्षा बलों द्वारा लगातार अभियान चलाने, खुफिया तंत्र मजबूत होने और स्थानीय समर्थन बढ़ने से नक्सली संगठन दबाव में हैं. इस ताजा आत्मसमर्पण को इसी बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है. First Updated : Thursday, 11 December 2025