'अंकल मुझे बचा लो': अमरूद तोड़ने पर रिटायर्ड फौजी ने बच्ची को दी क्रूर सजा, महिला आयोग ने लिया संज्ञान
हिमाचल प्रदेश के ऊना में एक मासूम बच्ची के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है, जहां अमरूद तोड़ने पर एक रिटायर्ड फौजी ने उसे बांधकर पीटा. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है.

नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है. एक रिटायर्ड फौजी द्वारा एक मासूम बच्ची को अमरूद तोड़ने की मामूली बात पर क्रूर सजा देने का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है.
यह घटना न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि इंसानियत के मूल्यों पर भी सवाल खड़े करती है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, वहीं महिला आयोग ने भी इस पर संज्ञान लिया है.
अमरूद तोड़ने पर बच्ची को दी गई अमानवीय सजा
हिमाचल प्रदेश के ऊना के बहडाला गांव में एक रिटायर्ड फौजी ने एक प्रवासी मासूम बच्ची को अपने घर के पेड़ से अमरूद तोड़ने पर बेरहमी से सजा दी. आरोपी ने बच्ची को घर के अंदर सीढ़ियों की लोहे की रेलिंग से बांध दिया और उसकी पिटाई की.
पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की धारा 115(2), 127(2) और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा-75 के तहत मामला दर्ज कर लिया है. सचिन हीरामठ ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह कृत्य गैरकानूनी और अमानवीय है.
अंकल, मुझे बचा लो…....😥
यह तालिबान नहीं, बल्कि एक ऐसा देश है जो गर्व से 📍कन्या पूजा,📍बेटी बचाओ 📍नारी शक्ति की बातें करता है।
लेकिन हकीकत कितनी भयावह है… एक मासूम बच्ची को सिर्फ इसलिए बेरहमी से बांधकर पीटा गया!क्योंकि उसने अमरूद तोड़ लिए थे।😡
वीडियो हिमाचल प्रदेश का है pic.twitter.com/7DADFrN9qf— Basant Kumar Kanaujiya (@bk_kanaujiya) April 5, 2026
बच्ची की गुहार
5 अप्रैल को हुई इस घटना के दौरान बच्ची दर्द और डर से लगातार मदद की गुहार लगाती रही. जब मर्चेंट नेवी में कार्यरत रोहित जसवाल वहां से गुजर रहे थे, तो उन्होंने बच्ची को बंधा हुआ देखा और तुरंत मौके पर पहुंचे.
वीडियो में बच्ची रोते हुए कहती सुनाई देती है, 'अंकल मुझे बचा लो', लेकिन आरोपी का दिल नहीं पसीजा. वहीं आरोपी यह कहते हुए नजर आया, 'इसने हमारे अमरूद चराए हैं.'
इस पर रोहित जसवाल ने उससे सवाल किया कि अमरूद तोड़ने पर क्या इस तरह की सजा दी जाती है.
कैप्टन ने दिखाई हिम्मत, बच्ची को कराया मुक्त
रोहित जसवाल ने साहस दिखाते हुए बच्ची को छुड़ाया और उसे सुरक्षित घर पहुंचाया. साथ ही उन्होंने पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बना लिया और पुलिस व चाइल्ड हेल्पलाइन को इसकी सूचना दी.
चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी का रवैया बदल गया और उसने अपने कृत्य के लिए माफी मांगनी शुरू कर दी. हालांकि, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.
महिला आयोग ने लिया संज्ञान
इस गंभीर घटना को देखते हुए हिमाचल प्रदेश महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है. आयोग की चेयरमैन विद्या नेगी ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी.
पीड़ित बच्ची का क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में मेडिकल परीक्षण कराया गया है, जबकि आरोपी की गिरफ्तारी अभी बाकी है.
लोगों में भारी आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग
घटना सामने आने के बाद लोगों में गहरा रोष है और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है. हर कोई इस अमानवीय व्यवहार की निंदा कर रहा है.
पुलिस अधीक्षक सचिन हीरामठ ने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आरोपी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे. केस दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा.


