Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्र और राम नवमी के मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने इस समय अवैध बूचड़खानों को बंद करने और धार्मिक स्थलों के पास मांस की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है. 6 अप्रैल को राम नवमी के दिन प्रदेशभर में पशु वध और मांस बिक्री पर पूर्ण रूप से रोक रहेगी. सरकार का यह फैसला धार्मिक आस्थाओं के सम्मान और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र के दौरान अवैध बूचड़खानों को बंद करने और धार्मिक स्थलों के 500 मीटर के दायरे में मांस की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया है. खासतौर से 6 अप्रैल को राम नवमी के दिन मांस और पशु वध पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा. यह आदेश धार्मिक स्थानों के पास पवित्रता बनाए रखने के लिए लिया गया है, ताकि धार्मिक अनुष्ठानों में कोई भी विघ्न न आये.
यह आदेश प्रदेश भर में लागू करने के लिए जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्तों, और नगर निगम आयुक्तों को जिम्मेदारी सौपी गई है. साथ ही, जिला स्तर पर विशेष समितियों का गठन किया गया है, जिनकी अध्यक्षता जिलाधिकारी करेंगे. इन समितियों में पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पशुपालन विभाग, परिवहन विभाग, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अधिकारी भी शामिल होंगे. इन अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. यदि कोई इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे.
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस कदम को लागू करने के लिए नगर निगम अधिनियम 1959 और खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 व 2011 के तहत कार्रवाई के आदेश दिए हैं. इसके तहत अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि वे इन आदेशों का पालन सख्ती से सुनिश्चित करें. सरकार का उद्देश्य धार्मिक स्थानों की पवित्रता बनाए रखना और अवैध बूचड़खानों पर रोक लगाना है.
चैत्र नवरात्र की शुरुआत 30 मार्च से हो रही है, जिसमें देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाएगी. यह पर्व विशेष रूप से धार्मिक श्रद्धा से जुड़ा हुआ है, और इस दौरान पूरे प्रदेश में भक्तों द्वारा विशेष अनुष्ठान और पूजा की जाती है. इस पर्व के दौरान सरकार की तरफ से उठाए गए कदम यह सुनिश्चित करेंगे कि धार्मिक गतिविधियां बिना किसी विघ्न के संपन्न हों और पवित्रता बनी रहे.
सरकार द्वारा इस तरह के कड़े कदम उठाने से यह स्पष्ट होता है कि वे धार्मिक आस्थाओं का सम्मान करते हुए, समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखना चाहती हैं. First Updated : Saturday, 29 March 2025