दिवंगत मुख्तार अंसारी के माफिया नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए यूपी एसटीएफ और झारखंड पुलिस ने जमशेदपुर में मुठभेड़ में उसके शार्पशूटर अनुज कनौजिया को मार गिराया. ऑपरेशन के दौरान करीब 20 राउंड फायरिंग के बाद 2.5 लाख रुपये के इनामी कनौजिया को भी मार गिराया गया.
यह मुठभेड़ मुख्तार अंसारी की मौत के ठीक एक साल बाद हुई, जो कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. अधिकारियों ने इसे अंसारी के आपराधिक गिरोह से जुड़े अन्य गुर्गों के लिए एक सख्त चेतावनी बताया है.
अनुज कनौजिया पांच साल से फरार था और उसे मुख्तार अंसारी का सबसे भरोसेमंद शार्पशूटर माना जाता था. मूल रूप से मऊ का रहने वाला कनौजिया मऊ और गाजीपुर में हत्या और रंगदारी समेत दो दर्जन से ज्यादा मामलों में वांछित था. शुरुआत में उस पर एक लाख रुपये का इनाम रखा गया था, जिसे बाद में उसके लंबे समय तक फरार रहने के कारण बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दिया गया था.
कनौजिया पर दबाव बनाने के लिए अधिकारियों ने पहले आजमगढ़ में उनके घर को बुलडोजर से ढहा दिया था. उनके परिवार के कई सदस्यों को गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार भी किया गया था.
कई सालों की तलाश के बाद यूपी एसटीएफ और झारखंड पुलिस ने मुठभेड़ में कनौजिया को सफलतापूर्वक ढेर कर दिया, जिससे संगठित अपराध के खिलाफ राज्य के रुख को मजबूती मिली. पुलिस अधिकारियों ने दोहराया है कि मुख्तार अंसारी के आपराधिक नेटवर्क के किसी भी सदस्य को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में भी कार्रवाई जारी रहेगी. First Updated : Sunday, 30 March 2025