Banke Bihari Temple News : मथुरा स्थित प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी ने दर्शन व्यवस्था में अहम बदलावों का फैसला लिया है. हालांकि अब तक की व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं साबित हुई हैं, क्योंकि मंदिर के भीतर श्रद्धालुओं के ठहराव के चलते दर्शन में सहजता नहीं आ पा रही थी.
अब दो गेट से होगा प्रवेश, दो से निकास
बैठक में तय किया गया कि अब मंदिर में प्रवेश के लिए दो गेट होंगे और निकास के लिए भी दो अलग गेट निर्धारित किए जाएंगे. प्रवेश के दौरान रेलिंग लगाकर तीन कतारें बनाई जाएंगी, ताकि श्रद्धालु व्यवस्थित तरीके से दर्शन तक पहुंच सकें. दर्शन के बाद उन्हें सीधे निकास द्वारों से बाहर निकाला जाएगा, जिससे मंदिर के भीतर भीड़ का दबाव कम होगा और बाहर इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं को भी राहत मिलेगी.
कमेटी के अध्यक्ष, रिटायर्ड जस्टिस अशोक कुमार ने बताया कि इस नई व्यवस्था का जल्द ही क्रियान्वयन शुरू किया जाएगा और कोशिश होगी कि दर्शन अनुभव को भक्तों के लिए अधिक सहज और सुरक्षित बनाया जा सके.
VIP दर्शन पर्ची पर पूरी तरह रोक
एक और महत्वपूर्ण निर्णय वीआईपी दर्शन पर्चियों को लेकर लिया गया है. पहले मंदिर प्रबंधन द्वारा ₹100 में वीआईपी दर्शन पर्ची जारी की जाती थी, लेकिन इसका दुरुपयोग बड़े स्तर पर हो रहा था. कई लोग इन पर्चियों की कलर फोटोकॉपी कराकर दूसरों को बाँटते थे, जिससे नियमों का उल्लंघन हो रहा था.
विशिष्ट व्यक्तियों को VIP दर्शन की अनुमति
अब कमेटी ने शुक्रवार से ऐसी सभी पर्चियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. अब न तो नई पर्ची काटी जाएगी और न ही पुरानी पर्चियों से दर्शन की अनुमति होगी. हालांकि प्रोटोकॉल के अंतर्गत आने वाले सरकारी अतिथियों या विशिष्ट व्यक्तियों को पूर्ववत दर्शन की सुविधा दी जाएगी, जैसा पहले होता रहा है.
आम श्रद्धालुओं के साथ भेदभाव खत्म
ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में भीड़ प्रबंधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रहे सुधार प्रयासों को एक नई दिशा मिली है. दर्शन के लिए लाइनबद्ध प्रवेश और व्यवस्थित निकास व्यवस्था निश्चित रूप से श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाएगी. वहीं वीआईपी पर्चियों पर रोक से आम श्रद्धालुओं के साथ होने वाला भेदभाव भी कम होगा. आने वाले दिनों में इन नियमों के सख्ती से पालन से मंदिर दर्शन और अधिक सुव्यवस्थित व पारदर्शी हो सकता है.
First Updated : Saturday, 13 September 2025