नई दिल्ली: एन्थ्रोपिक कंपनी, जो क्लाउड-आधारित AI मॉडल क्लॉड के लिए जानी जाती है, दुनिया की सबसे तेजी से उभरती कंपनियों में से एक है. कंपनी का लक्ष्य सुरक्षित और उपयोगी एआई बनाना है. लेकिन 9 फरवरी 2026 को कंपनी के सेफगार्ड्स रिसर्च टीम के प्रमुख मृणांक शर्मा ने अचानक इस्तीफा दे दिया. उन्होंने एक्स पर अपना इस्तीफा पत्र साझा किया, जिसमें दुनिया के संकट और नैतिक दुविधा की बात की.
मृणांक शर्मा ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से मशीन लर्निंग में पीएचडी और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है. एन्थ्रोपिक में वे दो साल से काम कर रहे थे. उन्होंने एआई साइकोफैंसी (चाटुकारिता), एआई से बायोटेररिज्म के जोखिम कम करने वाले डिफेंस सिस्टम और एआई सेफ्टी केस जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर काम किया.
मृणांक ने अपने पत्र में लिखा कि दुनिया खतरे में है. यह खतरा सिर्फ एआई या जैविक हथियारों से नहीं, बल्कि कई जुड़े संकटों से है. उनका कहना है कि हमारी क्षमता बढ़ रही है, लेकिन बुद्धिमत्ता और समझ के साथ संतुलन नहीं है, वरना गंभीर नतीजे आएंगे.
उन्होंने कंपनी में मूल्यों और काम के बीच फर्क देखा. बाहर से एआई सेफ्टी की बड़ी-बड़ी बातें होती हैं, लेकिन अंदर दबाव में महत्वपूर्ण चीजों को नजरअंदाज किया जाता है.
मृणांक अब तकनीकी काम छोड़कर कविता की पढ़ाई करना चाहते हैं. वे काव्यात्मक सत्य को वैज्ञानिक सत्य जितना महत्वपूर्ण मानते हैं. उनका मानना है कि कविता और साहसी भाषण से वर्तमान संकट को बेहतर समझा और संबोधित किया जा सकता है. उन्होंने पत्र विलियम स्टैफोर्ड की कविता "द वे इट इज" से खत्म किया, जो नैतिक रास्ते पर अडिग रहने की बात करती है.
यह पहला मामला नहीं है. 2020 में गूगल की टिमनित गेब्रू ने एआई में पूर्वाग्रह पर काम के विवाद के बाद कंपनी छोड़ी. बाद में उन्होंने एआई नैतिकता पर अपनी संस्था बनाई और कंपनियों के पाखंड की आलोचना की. मृणांक का इस्तीफा भी एआई लैब्स में सेफ्टी, मूल्यों और व्यवहार के बीच बढ़ते अंतर को उजागर करता है. First Updated : Tuesday, 10 February 2026