इंटेल के नए सीईओ लिप-बू टैन कंपनी में सुधार के लिए व्यापक बदलावों पर विचार कर रहे हैं. कंपनी में वापसी से पहले, सीईओ ने चिप निर्माण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रणनीति में बड़े सुधार की योजनाएं बनाई हैं. उनका लक्ष्य इंटेल के मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस को फिर से मजबूत करना है, जिससे कंपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त बना सके. उन्होंने कर्मचारियों को स्पष्ट कर दिया है कि कंपनी को कठिन फैसले लेने होंगे.
इंटेल के मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, इंटेल फाउंड्री का प्रदर्शन सुधारने के लिए कंपनी के नए सीईओ नई रणनीतियों पर काम कर रहे हैं. पहले ये यूनिट केवल इंटेल के लिए चिप बनाती थी, लेकिन अब इसे बाहरी कंपनियों जैसे कि एनवीडिया और माइक्रोसॉफ्ट के लिए भी चिप निर्माण में लगाया गया है. इस सेक्टर में और ज्यादा ग्राहकों को आकर्षित करने की योजना बनाई जा रही हैं.
इंटेल के पूर्व सीईओ पैट गेलसिंजर को लेकर कहा जाता है कि वे बहुत नरम थे और उन्होंने आवश्यक छंटनी नहीं की. सेमीकंडक्टर उद्योग विशेषज्ञ डायलन पटेल के मुताबिक, इंटेल को एक बड़े स्तर पर अपने मध्य प्रबंधन (Middle Management) को सुधारने की आवश्यकता है और सीईओ इस दिशा में बड़े कदम उठा सकते हैं.
इसके साथ ही, कंपनी के नए सीईओ इंटेल की AI रणनीति को भी नया रूप देने जा रहे हैं. कंपनी अब सिर्फ सर्वर मार्केट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सॉफ्टवेयर, रोबोटिक्स और AI फाउंडेशन मॉडल्स जैसे क्षेत्रों में भी निवेश बढ़ाएगी.
इंटेल को साल 2024 में $19 बिलियन का घाटा हुआ था, जो 1986 के बाद पहली बार हुआ. वे अमेरिका और यूरोप में नए कारखानों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिससे इंटेल की बाजार स्थिति को मजबूती मिलेगी. गेलसिंजर ने इंटेल को एक कॉन्ट्रैक्ट चिप निर्माता बनाने का लक्ष्य रखा था, ताकि कंपनी टीएसएमसी जैसी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा कर सके. हालांकि, बाजार में गिरावट के कारण इन योजनाओं में कटौती करनी पड़ी. अब सीईओ ने इस योजना की कमियों को पहचाना और इसे और प्रभावी तरीके से लागू करने का प्लान बना रहे हैं. First Updated : Tuesday, 18 March 2025