Flipkart की बड़ी लापरवाही पड़ी भारी! iPhone की जगह निकला Beard Oil, अब ग्राहक को मिलेंगे लाखों रुपये

मुंबई के एक ग्राहक ने Flipkart से iPhone 14 Pro मंगाया, लेकिन पार्सल में मोबाइल की जगह Beard Growth Oil निकला. ग्राहक ने तुरंत कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

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नई दिल्ली: ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान गलत सामान मिलने की शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं, लेकिन मुंबई के एक ग्राहक के मामले में उपभोक्ता अदालत ने ऐसा फैसला सुनाया है, जो दूसरे ग्राहकों के लिए भी बड़ी राहत माना जा रहा है. ग्राहक ने Flipkart से Apple iPhone 14 Pro ऑर्डर किया था, लेकिन पार्सल खोलने पर उसमें मोबाइल की जगह दाढ़ी-मूंछ बढ़ाने वाला तेल (Beard Growth Oil) निकला. अब अदालत ने कंपनी और संबंधित विक्रेता को ग्राहक को रकम लौटाने और मुआवजा देने का आदेश दिया है.

iPhone की जगह निकला Beard Growth Oil

मुंबई के पवई निवासी ग्राहक ने अप्रैल 2023 में Flipkart से iPhone 14 Pro (128GB) खरीदा था. इसके लिए उन्होंने 1,11,793 रुपये का भुगतान किया. अगले दिन जब पार्सल मिला और उन्होंने बॉक्स खोला तो उसमें महंगे स्मार्टफोन की जगह Beard Growth Oil था. हालांकि उसी ऑर्डर में मंगाया गया चार्जर और मोबाइल कवर सही निकला.

शिकायत के बाद भी नहीं मिली मदद

ग्राहक ने कई बार Flipkart की कस्टमर केयर से संपर्क किया और सभी जरूरी दस्तावेज भी जमा किए. इसके बावजूद न तो उन्हें नया iPhone दिया गया और न ही पैसे वापस किए गए. ग्राहक का आरोप था कि उनकी शिकायत बिना समाधान के ही बार-बार बंद कर दी गई.

उपभोक्ता आयोग ने लगाई फटकार

मुंबई जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने कहा कि केवल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म होने का दावा करके Flipkart अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता. आयोग के अनुसार, कंपनी ने ग्राहक की शिकायत की उचित जांच नहीं की और न ही समस्या का समाधान किया. इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार माना गया.

आयोग ने यह भी कहा कि संबंधित विक्रेता International Value Retail Pvt Ltd भी अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहा, इसलिए दोनों पक्ष संयुक्त रूप से जिम्मेदार हैं.

अदालत ने क्या आदेश दिया?

उपभोक्ता आयोग ने Flipkart और विक्रेता को ग्राहक को 1,11,793 रुपये वापस करने का निर्देश दिया है. इसके साथ इस राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज, 50,000 रुपये मानसिक उत्पीड़न के मुआवजे और 20,000 रुपये मुकदमे के खर्च के रूप में देने का आदेश भी दिया गया है. यह पूरी रकम 45 दिनों के भीतर चुकानी होगी.

Apple India को मिली राहत

इस मामले में Apple India को भी पक्षकार बनाया गया था. कंपनी ने अदालत को बताया कि वह केवल उत्पाद का निर्माता है और पैकेजिंग या डिलीवरी प्रक्रिया पर उसका कोई नियंत्रण नहीं होता. आयोग ने इस दलील को स्वीकार करते हुए Apple India के खिलाफ शिकायत खारिज कर दी और माना कि विवाद केवल गलत उत्पाद की डिलीवरी से जुड़ा है. First Updated : Friday, 24 July 2026