नई दिल्ली: टेक दिग्गज Meta एक बार फिर बड़े संगठनात्मक बदलाव के दौर से गुजर रही है. कंपनी 2026 में करीब 200 कर्मचारियों की छंटनी करने की तैयारी में है, जिसका सबसे ज्यादा असर अमेरिका, खासकर सिलिकॉन वैली स्थित उसके दफ्तरों पर देखने को मिल सकता है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह छंटनी मई के अंत से पहले शुरू हो सकती है. इससे पहले भी कंपनी अपने रियलिटी लैब्स डिवीजन में बड़े स्तर पर कटौती कर चुकी है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि मेटा अपनी प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव कर रही है.
मेटा ने इन बदलावों के पीछे मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बताया है. कंपनी के सीईओ मार्क ज़करबर्ग मेटा को "एआई-फर्स्ट" कंपनी बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं.
यह बदलाव सिर्फ छंटनी तक सीमित नहीं है, बल्कि कंपनी की पूरी संरचना को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है, ताकि एआई प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके.
इस साल की शुरुआत में मेटा ने अपने रियलिटी लैब्स डिवीजन में लगभग 10 प्रतिशत कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया था. इस फैसले के चलते करीब 1,500 कर्मचारियों की नौकरियां चली गई थीं.
इससे यह साफ हो गया है कि कंपनी अपने संसाधनों को नई तकनीकों, खासकर एआई पर केंद्रित कर रही है.
मेटा के इस पुनर्गठन का सबसे बड़ा असर पारंपरिक मिडिल मैनेजमेंट पदों पर पड़ रहा है. कंपनी धीरे-धीरे इन पदों को खत्म कर रही है और उनकी जगह नए रोल्स पेश कर रही है.
अब "AI Builder", "Pod Lead" और "Org Lead" जैसे नए पदनाम सामने आ रहे हैं, जो केवल प्रबंधन नहीं बल्कि तकनीकी विकास में सक्रिय भागीदारी की मांग करते हैं.
इन नई भूमिकाओं में काम करने वाले कर्मचारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे केवल टीम का नेतृत्व ही नहीं करेंगे, बल्कि खुद भी टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट में योगदान देंगे.
इस तरह का बदलाव जनरेटिव एआई, वर्चुअल रियलिटी और मशीन लर्निंग जैसे क्षेत्रों में तेजी से नवाचार लाने के उद्देश्य से किया जा रहा है.
मेटा की इस छंटनी ने टेक इंडस्ट्री में एक बड़ा संदेश दिया है कि अब एआई स्किल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है.
खासतौर पर नॉन-टेक्निकल और मिड-लेवल मैनेजमेंट पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यह बदलाव चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है.
यह भी माना जा रहा है कि अन्य बड़ी टेक कंपनियां भी मेटा के इस मॉडल को अपनाते हुए एआई-केंद्रित बदलावों की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं.
मेटा में हो रहे ये बदलाव इस बात का संकेत हैं कि टेक कंपनियां अब एआई-आधारित भविष्य के लिए खुद को तैयार कर रही हैं.
प्रबंधन को सरल बनाकर और एआई कौशल को प्राथमिकता देकर, मेटा नवाचार पर बड़ा दांव लगा रही है, भले ही इसके लिए कर्मचारियों को नई दिशा तलाशनी पड़े. First Updated : Tuesday, 07 April 2026