बेहोश होने से पहले स्मार्टवॉच करेगी अलर्ट, सैमसंग की देखें ये जबरदस्त टेक्नोलॉजी

साउथ कोरिया की टेक कंपनी Samsung ने एक नई तकनीक पेश की है. कंपनी का कहना है कि यह स्मार्टवॉच बेहोश होने की स्थिति यानी फेंटिंग एपिसोड को करीब पांच मिनट पहले ही पहचान सकती है.

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Edited By: JBT Desk

नई दिल्ली: टेक्नोलॉजी जैसे-जैसे बढ़ती जा रही है. वैसे-वैसे नई चीजें सामने आ रही है. ऐसा हम नहीं बल्कि सैमसंग की नई स्मार्टवॉच कह रही है. बता दें, स्मार्टवॉच अब सिर्फ फिटनेस ट्रैक करने वाला एक गैजेट नहीं रह गई है. टेक कंपनियां इसे धीरे-धीरे एडवांस हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस में बदल रही हैं. इसी एडवांस टेक्नोलॉजी पर काम करते हुए साउथ कोरिया की टेक कंपनी Samsung ने एक नई तकनीक पेश की है, जो इंसान के बेहोश होने से पहले ही खतरे का संकेत दे सकती है. 

हॉस्पिटल के साथ मिलकर हुई रिसर्च 

सैमसंग ने Chung-Ang University ग्वांगम्योंग हॉस्पिटल के साथ मिलकर एक रिसर्च की, जिसमें Galaxy Watch6 का इस्तेमाल किया गया. कंपनी का कहना है कि यह स्मार्टवॉच बेहोश होने की स्थिति यानी फेंटिंग एपिसोड को करीब पांच मिनट पहले ही पहचान सकती है.

बता दें, यह टेक्नोलॉजी Vasovagal Syncope (VVS) नाम की स्थिति पर आधारित है. इसमें अचानक ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट तेजी से गिर जाता है, जिससे व्यक्ति बेहोश हो सकता है. तनाव, डर, दर्द या लंबे समय तक खड़े रहने जैसी परिस्थितियां भी इसका कारण बन सकती हैं. हालांकि अधिकतर लोग कुछ मिनटों में सामान्य हो जाते हैं, लेकिन अचानक गिरने से गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है.

132 मरीज शामिल 

खास बात ये है इसकी स्टडी में 132 मरीजों को शामिल किया गया था. Galaxy Watch6 ने उनके शरीर के बायोसिग्नल्स, हार्ट रेट और बॉडी पैटर्न को ट्रैक किया. इसके बाद AI आधारित सिस्टम ने डेटा का विश्लेषण कर फेंटिंग के  सिग्नल्स को पहचानने की कोशिश की. कंपनी के अनुसार, यह सिस्टम लगभग 84.6 प्रतिशत तक सही साबित हुआ. 

कैसी करती है काम 

Galaxy Watch में मौजूद PPG सेंसर ब्लड फ्लो और हार्ट रिदम को ट्रैक करता है. साथ ही Heart Rate Variability यानी HRV डेटा की मदद से दिल की धड़कनों के बीच होने वाले बदलावों को समझा जाता है. वहीं AI एल्गोरिद्म इन्हीं पैटर्न्स के आधार पर खतरे का अनुमान लगाता है. अगर यह टेक्नोलॉजी बड़े लेवल पर सक्सेसफुल होती है, तो बार-बार चक्कर आने या बेहोश होने की समस्या से जूझ रहे लोगों को काफी मदद मिल सकती है. हालांकि फिलहाल यह फीचर रिसर्च स्टेज में है और Samsung ने इसके रोलआउट की कोई ऑफिसियल डेट अनाउंस नहीं की है.  
 

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