नई दिल्ली: "चांद के पार चलो.." यह लाइन अब सिर्फ गीतों तक सीमित नहीं रहने वाली है. अंतरिक्ष पर्यटन की दुनिया में एक नई क्रांति की तैयारी हो रही है, जहां लोग जल्द ही चांद पर बने होटल में रात गुजार सकेंगे. यह सुनने में भले ही कल्पना जैसा लगे, लेकिन एक अमेरिकी स्टार्टअप इसे हकीकत में बदलने की दिशा में काम कर रहा है.
कैलिफोर्निया स्थित स्पेस स्टार्टअप Galactic Resource Utilisation Space (GRU) चांद पर दुनिया का पहला स्थायी होटल बनाने की योजना पर काम कर रहा है. कंपनी का दावा है कि वह 2032 तक इस अनोखी सर्विस को शुरू कर देगी और तब तक मेहमानों के स्वागत की पूरी तैयारी कर ली जाएगी.
GRU का कहना है कि वह चांद पर एक परमानेंट होटल का निर्माण कर रही है. इस प्रोजेक्ट में दुनिया भर के कई निवेशक रुचि दिखा रहे हैं, क्योंकि यह अंतरिक्ष पर्यटन को एक नई ऊंचाई पर ले जाने वाला कदम माना जा रहा है.
इस स्टार्टअप को Nvidia, SpaceX, Y Combinator और डिफेंस टेक फर्म Anduril से जुड़े निवेशकों का समर्थन मिल रहा है. कंपनी की स्थापना 21 साल के Skyler Chan ने की है. GRU ने चांद पर रुकने के लिए एडवांस बुकिंग भी शुरू कर दी है, जिसके तहत भविष्य की यात्रा के लिए अभी 10 लाख डॉलर जमा करने होंगे.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, GRU अपनी सर्विस 2032 तक शुरू कर देगी. उस समय चांद पर बने होटल में एक रात रुकने का किराया करीब 4,10,000 डॉलर यानी लगभग 3.7 करोड़ रुपये होगा. कंपनी का कहना है कि होटल का निर्माण 2029 से शुरू किया जाएगा, जब सभी जरूरी अप्रूवल मिल जाएंगे.
GRU की योजना बाकी स्पेस स्टेशनों से अलग है. जहां आमतौर पर अंतरिक्ष में बनने वाली संरचनाओं के लिए पृथ्वी से सामग्री भेजी जाती है, वहीं यह स्टार्टअप चांद की मिट्टी का ही इस्तेमाल होटल बनाने में करना चाहता है. इससे लागत और निर्माण प्रक्रिया दोनों को लेकर नई संभावनाएं खुलेंगी.
कंपनी अप्रूवल से पहले एक टेस्ट मिशन भी चलाने की योजना बना रही है. अगर सब कुछ तय कार्यक्रम के मुताबिक चलता है, तो 2032 में लोग चांद पर अपने लिए होटल का कमरा बुक कर सकेंगे और वहां रुकने का अनोखा अनुभव ले पाएंगे.
हालांकि शुरुआत में चांद पर रुकना बेहद महंगा होगा, लेकिन GRU को उम्मीद है कि जैसे-जैसे स्पेस ट्रैवल करने वाले लोगों की संख्या बढ़ेगी, वैसे-वैसे होटल का किराया भी कम होता जाएगा. कंपनी का मानना है कि भविष्य में यह अनुभव ज्यादा लोगों की पहुंच में आ सकेगा. First Updated : Thursday, 15 January 2026