GPay 'पॉकेट मनी' क्या है? अब बिना बैंक अकाउंट भी कर सकेंगे UPI पेमेंट

Google Pay का नया "पॉकेट मनी" फीचर अब यूजर्स को अपने बैंक अकाउंट से दूसरों को UPI पेमेंट की सुविधा देने की अनुमति देता है. यह खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है, जिनके पास खुद का बैंक अकाउंट नहीं है, लेकिन वे डिजिटल पेमेंट करना चाहते हैं.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: भारत में डिजिटल पेमेंट का सबसे लोकप्रिय माध्यम बन चुके यूपीआई (UPI) में लगातार नए फीचर्स जुड़ रहे हैं. इसी कड़ी में अब एक ऐसा फीचर आया है, जिससे आप अपने बैंक अकाउंट से किसी अन्य व्यक्ति को भी भुगतान करने की अनुमति दे सकते हैं.

Google Pay पर यह सुविधा "पॉकेट मनी" के नाम से उपलब्ध है, जो UPI Circle फीचर का हिस्सा है. यह खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है, जिनके बच्चों, बुजुर्गों या सहायकों के पास बैंक अकाउंट नहीं है, लेकिन वे डिजिटल पेमेंट करना चाहते हैं.

क्या है GPay 'पॉकेट मनी' या UPI Circle?

यह एक डिजिटल सुविधा है, जिसके तहत एक मुख्य यूजर (Primary User) अपने UPI से जुड़े बैंक अकाउंट का एक्सेस किसी अन्य व्यक्ति (Secondary User) को दे सकता है.

इसका मतलब यह है कि सेकेंडरी यूजर आपके अकाउंट से पेमेंट कर सकता है, लेकिन उसका पूरा नियंत्रण और सीमा प्राइमरी यूजर के हाथ में रहती है.

प्राइमरी और सेकेंडरी यूजर कौन?

प्राइमरी यूजर: वह व्यक्ति, जिसका Google Pay पर बैंक अकाउंट लिंक होता है और जो सभी पेमेंट की जिम्मेदारी लेता है.

सेकेंडरी यूजर: वह व्यक्ति, जिसके पास खुद का बैंक अकाउंट नहीं है, लेकिन वह प्राइमरी यूजर के अकाउंट से पेमेंट करना चाहता है.

एक प्राइमरी यूजर अधिकतम 5 सेकेंडरी यूजर्स को जोड़ सकता है.

फीचर की खासियतें और सुरक्षा

इस फीचर में सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है. प्राइमरी यूजर खर्च की सीमा तय कर सकता है और हर ट्रांजैक्शन को मंजूरी देने का विकल्प भी रखता है.

इसका मतलब है कि सेकेंडरी यूजर द्वारा किए गए हर भुगतान पर आपका पूरा नियंत्रण बना रहता है.

कितनी है ट्रांजैक्शन लिमिट?

GPay पॉकेट मनी के तहत आप सेकेंडरी यूजर के लिए मासिक खर्च सीमा तय कर सकते हैं.

यह सीमा अधिकतम ₹15,000 प्रति माह तक रखी जा सकती है. इस सीमा के भीतर सेकेंडरी यूजर बिना बार-बार अनुमति लिए पेमेंट कर सकता है.

पेमेंट अप्रूवल का विकल्प

अगर आप मासिक सीमा तय नहीं करते हैं, तो हर ट्रांजैक्शन के लिए अप्रूवल सिस्टम चुन सकते हैं.

इस स्थिति में, जैसे ही सेकेंडरी यूजर पेमेंट करेगा, आपके पास रिक्वेस्ट आएगी और UPI PIN डालने के बाद ही भुगतान पूरा होगा.

GPay पॉकेट मनी सेट करने का तरीका

इस फीचर को शुरू करने के लिए कुछ जरूरी स्टेप्स हैं:

  • GPay ऐप खोलें और Profile → UPI Circle → Set up pocket money पर जाएं
  • जिस व्यक्ति को जोड़ना है, उसका नाम या नंबर चुनें
  • उसका UPI Circle QR कोड स्कैन करें
  • मंथली लिमिट या अप्रूवल विकल्प चुनें
  • आवश्यक जानकारी (रिश्ता, आधार आदि) भरें
  • UPI PIN डालकर इनवाइट भेजें

किन चीजों का होना जरूरी?

सेकेंडरी यूजर को जोड़ने के लिए कुछ शर्तें जरूरी हैं:

  • उसका मोबाइल नंबर आपके कॉन्टैक्ट्स में सेव हो
  • उसके फोन में Google Pay ऐप रजिस्टर हो
  • उसके पास UPI ID या UPI Circle QR कोड हो

KYC और वेरिफिकेशन क्यों जरूरी?

सुरक्षा और सरकारी नियमों के तहत सेकेंडरी यूजर की पहचान का सत्यापन जरूरी है. इस प्रक्रिया में दी गई जानकारी का उपयोग बैंक रिकॉर्ड बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन को ट्रैक करने के लिए करता है.

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