ब्रेकअप के बाद एक्स-गर्लफ्रेंड पर ₹52 लाख हड़पने का आरोप, ChatGPT की मदद से युवक ने कोर्ट में जीता केस

हीथ्रो एयरपोर्ट पर बतौर फायरफाइटर काम करने वाले 40 वर्षीय क्रेग टिटचेनर ने वकीलों की फीस चुकाने के बजाय ओपनएआई के चैटजीपीटी की सहायता से अपना मुकदमा स्वयं लड़ा और अपनी पूर्व प्रेमिका से लॉटरी की बड़ी राशि वापस हासिल करने में सफलता पाई.

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नई दिल्ली: AI तकनीकों के बढ़ते प्रभाव के बीच कानूनी क्षेत्र में एक मामला सामने आया है. हीथ्रो एयरपोर्ट पर बतौर फायरफाइटर काम करने वाले 40 वर्षीय क्रेग टिटचेनर ने वकीलों की फीस चुकाने के बजाय ओपनएआई के चैटजीपीटी की सहायता से अपना मुकदमा स्वयं लड़ा और अपनी पूर्व प्रेमिका से लॉटरी की बड़ी राशि वापस हासिल करने में सफलता पाई.

निवेश के नाम पर दी गई थी लॉटरी की राशि

हीथ्रो एयरपोर्ट पर बतौर फायरफाइटर काम करने वाले 40 वर्षीय क्रेग टिटचेनर ने विंटर वंडरलाइन्स स्क्रैचकार्ड के माध्यम से लगभग 2.58 करोड़ रुपये का जैकपॉट जीता. दो बच्चों के पिता क्रेग ने वर्ष 2022 में अपनी तत्कालीन प्रेमिका हीदर डगलस को इनमें से लगभग 52 लाख रुपये दिए. पेशे से साइकियाट्रिक नर्स 37 वर्षीया हीदर को वित्तीय मामलों की अच्छी समझ थी. दोनों पक्षों के बीच यह समझौता हुआ था कि हीदर इस राशि को प्रीमियम बांड्स और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश करेंगी तथा उससे प्राप्त होने वाले लाभांश को आपस में साझा किया जाएगा.

ब्रेकअप के बाद पैसे लौटाने से इनकार

आपसी मतभेदों के चलते जब दोनों का संबंध टूट गया, तब क्रेग ने अपनी मूल राशि वापस मांगी. हालांकि, हीदर ने राशि वापस लौटाने से साफ मना कर दिया. अपने हक के लिए क्रेग ने जब विधिक सलाहकारों और वकीलों से संपर्क किया, तो उनसे अत्यधिक फीस की मांग की गई. वित्तीय रूप से असमर्थ होने के कारण क्रेग ने वकीलों का सहारा छोड़ दिया और वैकल्पिक समाधान के रूप में एआई टूल 'ChatGPT' की सहायता ली. 

ChatGPT ने तैयार की कानूनी रणनीति

  • क्रेग टिटचेनर ने बताया कि निराशा के दौर में चैटजीपीटी उनके लिए एक मुख्य विधिक मार्गदर्शक सिद्ध हुआ. 
  • अदालती प्रपत्रों और दावों को सही तरीके से भरना.
  • साक्ष्यों और बैंक ब्योरों को कानूनी ढांचे के अनुसार व्यवस्थित करना.
  • सेंट्रल लंदन काउंटी कोर्ट में बिना वकील के स्वयं पैरवी करने का तरीका.
  • क्रेग के अनुसार, स्वयं का केस बिना किसी पेशेवर वकील के लड़ना एक बड़ा जोखिम था, परंतु एआई के मार्गदर्शन के बिना इस मामले में जीत हासिल करना असंभव था.

काउंटी कोर्ट का फैसला

सेंट्रल लंदन काउंटी कोर्ट में सुनवाई के दौरान हीदर डगलस ने तर्क दिया कि यह राशि उन्हें उपहार स्वरूप दी गई थी. इसके अतिरिक्त, उन्होंने क्रेग पर परेशान करने के आरोप भी लगाए. मामले की सुनवाई करते हुए डिस्ट्रिक्ट जज शेर्लोट हार्ट ने हीदर के तर्कों और आरोपों को खारिज कर दिया. अदालत ने पाया कि हीदर यह साबित करने में विफल रहीं कि यह राशि एक उपहार थी या उन्होंने इसे वादी की सहमति के बिना खर्च किया था. अदालत ने फैसला क्रेग के पक्ष में सुनाते हुए पूरी राशि वापस लौटाने का आदेश जारी किया.

लीगल टेक और एआई पर बढ़ता जन-विश्वास

मेडेनहेड (बर्कशायर) निवासी क्रेग ने इस कानूनी लड़ाई के अनुभव को एक बड़ी सीख बताया. उनका कहना है कि एआई की मदद से वापस मिली यह राशि उनके दोनों बेटों के भविष्य और गृह निर्माण के सपनों को साकार करने में बेहद मददगार साबित होगी. First Updated : Friday, 24 July 2026