आगरा में ताजमहल के पश्चिमी गेट पर रविवार को एक दिल छू लेने वाला दृश्य सामने आया, जिसने भारतीय संस्कृति, परंपरा और ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना को जीवंत कर दिया. इटली से आई महिला पर्यटकों का एक ग्रुप जब ताजमहल का दीदार करने पहुंचा, तो उनकी पारंपरिक भारतीय परिधान में दिखने की कोशिश एक चुनौती में बदल गई, लेकिन एक महिला कांस्टेबल की मदद ने इस पल को यादगार बना दिया.
पश्चिमी गेट पर तैनात महिला आरक्षी लक्ष्मी ने जिस संवेदनशीलता और गर्मजोशी से विदेशी महिलाओं को साड़ी पहनने में मदद की, वह ना सिर्फ भारतीय मेहमाननवाजी का प्रतीक बन गई, बल्कि सोशल मीडिया पर भी खूब सराही जा रही है. इस छोटी सी घटना ने विदेशी पर्यटकों के लिए भारत को और भी खूबसूरत बना दिया.
रविवार दोपहर लगभग 3 बजे इटली से आए विदेशी पर्यटकों का एक समूह ताजमहल पहुंचा. इस समूह की कुछ महिलाओं ने पिंक और ब्लू रंग की पारंपरिक साड़ियां अपनी कैजुअल ड्रेसेस के ऊपर पहन रखी थीं. उनके पैरों में जूते थे और वे साड़ी पहनने के अनुभव से अनभिज्ञ थीं. जैसे ही वे ताजमहल के पश्चिमी गेट पर पहुंचीं, दो महिलाओं की साड़ियां धीरे-धीरे ढीली होने लगीं और संभालना उनके लिए मुश्किल हो गया. वे असहज महसूस कर रही थीं और लगातार कोशिशों के बावजूद साड़ी ठीक से नहीं पहन पा रही थीं.
इस दृश्य को देखकर ताजमहल की सुरक्षा में तैनात महिला आरक्षी लक्ष्मी आगे आईं और उन्होंने बिना किसी झिझक के पर्यटकों की मदद की. लक्ष्मी ने ना केवल साड़ी पहनने में सहायता की, बल्कि उन्हें पल्लू ठीक से कैसे रखा जाता है और प्लेट्स कैसे बनती हैं, ये भी सिखाया. यह दृश्य इतना सुंदर और आत्मीय था कि पर्यटक महिलाओं ने इस पूरे अनुभव को वीडियो में रिकॉर्ड किया.
साड़ी पहनने में मदद मिलने के बाद विदेशी महिलाएं बहुत खुश नजर आईं. उन्होंने महिला आरक्षी लक्ष्मी को धन्यवाद दिया और उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मी उपनिरीक्षक शिवराज सिंह व उनकी टीम की भी तारीफ की. इस पल को अन्य पर्यटकों ने भी अपने कैमरों में कैद किया और सोशल मीडिया पर साझा किया.
First Updated : Tuesday, 05 August 2025