वर्क-लाइफ बैलेंस की मिसाल बना मैनेजर, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर एक भारतीय कर्मचारी का ऐसा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने वर्क कल्चर और वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है. सौरभ नाम के एक प्रोफेशनल ने एक वीडियो के जरिए बताया उन्हें सिर्फ इसलिए छुट्टी लेने के लिए कहा क्योंकि उनके बच्चे का प्री-स्कूल में पहला दिन था.

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर एक भारतीय कर्मचारी का ऐसा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने वर्क कल्चर और वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है. सौरभ नाम के एक प्रोफेशनल ने एक वीडियो के जरिए बताया कि उनके विदेशी मैनेजर ने उन्हें सिर्फ इसलिए छुट्टी लेने के लिए कहा क्योंकि उनके बच्चे का प्री-स्कूल में पहला दिन था.
मीटिंग में पहुंचे लेट
वीडियो में सौरभ ने बताया कि वह उस दिन एक मीटिंग में देरी से शामिल हुए थे. जब उन्होंने अपने मैनेजर को इसकी वजह बताई कि वह अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने गए थे, क्योंकि उनके बच्चों का आज स्कूल में पहला दिन था. इसके बाद मैनेजर ने उनसे पूछा कि वह काम पर क्यों लौट आए. सौरभ के अनुसार, उनके मैनेजर का मानना था कि बच्चे के जीवन के ऐसे खास मौके परिवार के साथ बिताए जाने चाहिए.
उन्होंने बताया कि मैनेजर ने उनसे कहा कि बच्चे के लिए स्कूल का पहला दिन काफी इमोशनल होता है और बच्चों उन्हें डर लग सकता है, इसलिए उन्हें उसके साथ समय बिताना चाहिए. इतना ही नहीं, मैनेजर ने उन्हें काम जारी रखने के बजाय पूरे दिन की छुट्टी लेने की सलाह दी.
इंडिया के कॉरपोरेट कल्चर से हुए चलता
बता दें, सौरभ ने इस अनुभव की तुलना भारतीय कॉरपोरेट संस्कृति से करते हुए कहा कि कई बार यहां व्यक्तिगत जीवन की अहम घटनाओं को उतनी प्राथमिकता नहीं मिलती. उनके मुताबिक, अक्सर कर्मचारियों से उम्मीद की जाती है कि वे निजी जिम्मेदारियां पूरी करने के बाद तुरंत काम पर लौट आएं.
वीडियो में उन्होंने भारतीय मैनेजर्स से भी अपील की कि वे कर्मचारियों के निजी जीवन और पारिवारिक जरूरतों को समझने की कोशिश करें. इतना ही नहीं उनका कहना था कि प्रोफेशनल कमिटमेंट महत्वपूर्ण हैं, लेकिन जीवन के कुछ पल ऐसे होते हैं जो दोबारा वापस नहीं आते.
लोगों ने सामने आई प्रतिक्रिया
यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और बड़ी संख्या में लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. कई यूजर्स ने कहा कि हेल्थी वर्क कल्चर वही है, जहां कर्मचारियों की व्यक्तिगत खुशियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों का भी सम्मान किया जाए.
वहीं, कुछ लोगों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब मैनेजर कर्मचारियों की भावनाओं और निजी जरूरतों को समझते हैं, तो इससे न केवल उनका मनोबल बढ़ता है बल्कि वे बेहतर तरीके से काम भी कर पाते हैं. यहीं वजह है कि सोशल मीडिया पर यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है.


