उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक ऐसा भावुक कर देने वाला वीडियो सामने आया है जिसने इंसान और जानवर के रिश्ते की गहराई को बयां कर दिया है. 10 जून 2025 को रिकॉर्ड हुआ यह दृश्य तब सामने आया जब एक बंदर ने अपने मृत देखभालकर्ता के पार्थिव शरीर के पास जाकर खुद कफन उठाया और उनके माथे को चूमा. यह क्षण इतना मार्मिक था कि वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गई.
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जहां लोग इस बंदर की वफादारी और प्रेम को देखकर भाव-विह्वल हो रहे हैं. यह कहानी उस अटूट रिश्ते की गवाही देती है, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है लेकिन एक जानवर ने बिना बोले साबित कर दिखाया.
अमरोहा के गजरौला गांव के रहने वाले 60 वर्षीय रामू एक गरीब लेकिन दिल के अमीर व्यक्ति थे, जिन्होंने वर्षों तक एक स्थानीय बंदर की देखभाल की. वे उसे खाना खिलाते, उसकी रक्षा करते और उसे परिवार का हिस्सा मानते थे. जब रामू का बीमारी के चलते निधन हुआ, तो गांव के लोग उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए इकट्ठा हुए थे. इसी दौरान बंदर दौड़ता हुआ आया और सीधे रामू के पार्थिव शरीर के पास पहुंचा.
वह दृश्य सबको स्तब्ध कर गया जब बंदर ने अपने हाथों से रामू के शव पर पड़ा कफन उठाया और बेहद प्यार से उनके माथे को चूम लिया, जैसे कह रहा हो 'अलविदा मेरे दोस्त.' इस पल को एक परिजन ने कैमरे में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर लाखों लोगों को भावुक कर रहा है.
11 जून को जैसे ही यह वीडियो सामने आया, सोशल मीडिया पर शेयर और कमेंट्स की बाढ़ आ गई. लाखों लोगों ने इसे देखा और “love beyond species” जैसा टैग देते हुए लिखा है, 'जानवर इंसानों से ज्यादा संवेदनशील होते हैं.' एक यूजर ने लिखा, 'हम सोचते हैं कि जानवरों को कुछ महसूस नहीं होता, लेकिन इस वीडियो ने साबित कर दिया कि उनकी भावनाएं भी इंसानों जितनी गहरी होती हैं.'
यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि इंसान और जानवरों के बीच भी गहरा भावनात्मक रिश्ता हो सकता है. रामू के द्वारा वर्षों तक की गई देखभाल और प्रेम ने इस बंदर के दिल में विश्वास और अपनापन भर दिया था. विशेषज्ञ भी मानते हैं कि प्राइमेट्स यानी बंदर जैसे जानवरों में इंसानों की तरह भावनाएं महसूस करने की क्षमता होती है. वे प्रेम, दुःख और अलगाव को महसूस कर सकते हैं.
इस वीडियो के बाद अब अमरोहा के गांव वाले इस बंदर को रामू की याद में अपनाने लगे हैं. वह अब गांव की जिम्मेदारी बन चुका है और उसे हर किसी का प्यार मिल रहा है. यह मंजर यह सिखाता है कि प्रेम और वफादारी न जात-पात देखते हैं, न प्रजाति यह तो बस दिल से जुड़े रिश्ते हैं.
यह घटना न सिर्फ एक भावनात्मक क्षण है, बल्कि यह समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि जानवरों के साथ हमारा व्यवहार कैसा होना चाहिए. पशु प्रेमियों और कार्यकर्ताओं ने इस वीडियो को लेकर यह मांग की है कि जानवरों की भावनाओं को गंभीरता से लिया जाए और उन्हें संवेदनशीलता के साथ ट्रीट किया जाए. First Updated : Wednesday, 11 June 2025