केरल में कौन बनेगा मुख्यमंत्री? खड़गे और राहुल गांधी लेंगे अंतिम फैसला, दिल्ली में चली लंबी मीटिंग
शनिवार (09 मई 2026) को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिल्ली में अहम बैठक बुलाई। इसमें राहुल गांधी के साथ केरल के सीनियर नेता रमेश चेन्नितला, वी. डी. सतीशन और केरल कांग्रेस प्रमुख सनी जोसेफ भी मौजूद रहे।

नई दिल्ली: केरलम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF को बड़ी जीत मिली है। लेकिन जीत के बाद अब मुख्यमंत्री चुनना कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। UDF में शामिल तीनों मुख्य दल अपने-अपने नेता को CM बनवाना चाहते हैं। इसी पेंच को सुलझाने के लिए शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान ने 3 घंटे लंबी बैठक की।
खड़गे-राहुल पर टिका फैसला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शनिवार (09 मई 2026) को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिल्ली में अहम बैठक बुलाई। इसमें राहुल गांधी के साथ केरल के सीनियर नेता रमेश चेन्नितला, वी. डी. सतीशन और केरल कांग्रेस प्रमुख सनी जोसेफ भी मौजूद रहे। करीब 3 घंटे चले मंथन में सभी नेताओं ने अपनी राय रखी।
बैठक के बाद AICC महासचिव दीपा दास मुंशी ने मीडिया को बताया कि CM का फैसला मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी लेंगे। उन्होंने कहा कि फैसला 'बहुत जल्द' आएगा, लेकिन कोई तारीख नहीं बताई।
23 मई है डेडलाइन
केरल में सरकार गठन की अंतिम तारीख 23 मई है। यानी इस तारीख तक मुख्यमंत्री का नाम तय कर शपथ लेनी होगी। अगर समय पर सरकार नहीं बनी तो राज्यपाल संवैधानिक प्रक्रिया के तहत कदम उठा सकते हैं। इसीलिए कांग्रेस पर जल्द फैसला लेने का दबाव है।
तीनों दल के अपने दावेदार
दरअसल UDF में तीन बड़े दल हैं और तीनों CM पद पर दावा ठोक रहे हैं। कांग्रेस का अपना नेता है। केरल कांग्रेस का अपना चेहरा है। वहीं तीसरे घटक दल का भी अपना दावेदार है। हर दल चाहता है कि मुख्यमंत्री उसी के खेमे से बने। इसी खींचतान की वजह से फैसला अटक गया है। कांग्रेस के अंदर भी असंतोष दिख रहा है। तीनों धड़ों के समर्थक अपने-अपने नेता को CM बनते देखना चाहते हैं।
विधायकों ने आलाकमान को सौंपी जिम्मेदारी
इस सियासी उलझन के बीच कांग्रेस के सभी विधायकों ने एक प्रस्ताव पर दस्तखत किए हैं। प्रस्ताव में कहा गया है कि सभी विधायक पार्टी नेतृत्व को CM चुनने का अधिकार देते हैं। मतलब खड़गे और राहुल जो भी फैसला लेंगे, सभी उसे मानेंगे।
UDF को मिला बड़ा जनादेश
गौरतलब है कि केरल विधानसभा चुनाव में UDF को जनता ने भारी बहुमत दिया है। लंबे समय बाद कांग्रेस गठबंधन सत्ता में लौटा है। ऐसे में मुख्यमंत्री का नाम तय करना और भी अहम हो गया है। गलत फैसले से गठबंधन में दरार आ सकती है।


