बंगाल चुनाव के बाद हिंसा का दौर जारी, हावड़ा के शिबपुर में बमबाजी, एक-एक कर 7 बम फटे
पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित शिबपुर इलाके में कई देसी बम धमाकों और फायरिंग से दहशत फैल गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए.

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राज्य के कई इलाकों में तनाव और हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. इसी बीच हावड़ा जिले के शिबपुर क्षेत्र की एक झुग्गी बस्ती में गुरुवार को हुए सिलसिलेवार धमाकों ने इलाके में दहशत फैला दी. जानकारी के अनुसार, यहां कई देसी बम फटने से अफरा-तफरी मच गई और कई लोग घायल हो गए.
प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या कहा?
इस घटना के तुरंत बाद पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की टीमों को मौके पर तैनात किया गया, ताकि स्थिति को काबू में रखा जा सके. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके बेहद तेज थे. विस्फोट के दौरान ईंट-पत्थर दूर तक उछल गए और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. स्थानीय लोगों का दावा है कि करीब सात देसी बम फटे, जबकि दो बार फायरिंग भी हुई. इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया.
सूत्रों के अनुसार, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता मनोज खान कथित तौर पर हमलावरों के निशाने पर थे. बताया जा रहा है कि बमबाजी के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने आसपास की दुकानों में तोड़फोड़ की कोशिश भी की. इससे इलाके में तनाव और बढ़ गया. स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई.
पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा?
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और इलाके की निगरानी लगातार की जा रही है. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रखा गया है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि धमाकों के पीछे कौन लोग शामिल थे और उनका मकसद क्या था.
गौरतलब है कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद राज्य में हिंसा की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं. हाल ही में उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हमलावर बाइक पर सवार होकर आए थे और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए.
इन घटनाओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. भाजपा ने राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पार्टी का कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती जा रही है और राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया जा रहा है. वहीं प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है.


