झारखंड में बैन हुआ गुटखा और पान मसाला, सरकार ने जारी किया सख्त आदेश

सरकारी आदेश में साफ कहा गया है कि यह बैन हर उस प्रोडक्ट पर लागू होगा जो बाजार में किसी भी नाम से बिक रहा हो। अगर उसमें तंबाकू या निकोटीन मिलता है तो वह प्रतिबंधित माना जाएगा। कई बार कंपनियां नाम बदलकर गुटखा-पान मसाला बेचती हैं।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: झारखंड सरकार ने जन-स्वास्थ्य को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। राज्य में तंबाकू और निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला के निर्माण, भंडारण, बिक्री और वितरण पर तुरंत रोक लगा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के दस्तखत से इस संबंध में आदेश जारी हुआ है।

किसी भी नाम से बिकने वाले उत्पाद पर रोक   

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आदेश में साफ कहा गया है कि यह बैन हर उस प्रोडक्ट पर लागू होगा जो बाजार में किसी भी नाम से बिक रहा हो। अगर उसमें तंबाकू या निकोटीन मिलता है तो वह प्रतिबंधित माना जाएगा। कई बार कंपनियां नाम बदलकर गुटखा-पान मसाला बेचती हैं। अब ऐसे सभी उत्पादों पर कार्रवाई होगी।

एक साल तक लागू रहेगा प्रतिबंध   

राज्य सरकार ने यह कदम खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम-2006 की धारा 30 (2) (ए) के तहत उठाया है। साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक बिक्री पर निषेध और प्रतिबंध विनियमन 2011 के नियम भी लागू किए गए हैं। आदेश जारी होने की तारीख से यह बैन एक साल तक प्रभावी रहेगा।

पकड़े जाने पर होगी कड़ी कार्रवाई   

सरकारी आदेश में चेतावनी दी गई है कि इस दौरान अगर कहीं भी प्रतिबंधित तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा या पान मसाला पकड़ा जाता है, तो कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। दुकानदार, स्टॉकिस्ट या बनाने वाली कंपनी, कोई भी बच नहीं पाएगा।

जन-स्वास्थ्य के लिए जरूरी कदम   

गौरतलब है कि राज्य सरकार का मानना है कि तंबाकू और निकोटीन सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं। इनसे कैंसर, मुंह और फेफड़ों की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। युवाओं में गुटखा-पान मसाला का चलन चिंता का विषय है।

इसी को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग अब जिलों में छापेमारी तेज करेगा। झारखंड से पहले कई राज्य गुटखा पर बैन लगा चुके हैं। सरकार का यह कदम लोगों को तंबाकू की लत से बचाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो