चंद्रनाथ रथ की हत्या का खौफनाक प्लानिंग! हथियार और हमले का तरीका जान दहल जाएंगे
पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की कोलकाता एयरपोर्ट के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई. फर्जी नंबर प्लेट, प्रोफेशनल शूटर और Glock पिस्टल के इस्तेमाल की आशंका के बीच पुलिस मामले को सुनियोजित साजिश मानकर जांच कर रही है.

कोलकात: सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में सनसनी फैला दी है. कोलकाता एयरपोर्ट के पास हुए इस हमले में फर्जी नंबर प्लेट, अत्याधुनिक Glock 47X पिस्टल और पेशेवर शूटरों के इस्तेमाल की आशंका ने मामले को और भी गंभीर बना दिया है.
पुलिस के मुताबिक 42 वर्षीय चंद्रनाथ रथ पर बुधवार देर रात उस वक्त हमला किया गया जब वह कोलकाता से अपने घर मध्यमग्राम लौट रहे थे. नॉर्थ 24 परगना जिले के दोहारिया इलाके में बाइक सवार हमलावरों ने उनकी SUV को घेरकर बेहद करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग की. शुरुआती जांच में इसे पूरी तरह प्री- प्लान हमला माना जा रहा है.
कहां घेरकर बरसाई गोलियां?
जानकारी के अनुसार चंद्रनाथ रथ करीब 10:30 बजे कोलकाता से लौट रहे थे, तभी दोलतला और मध्यमग्राम चौमाथा के बीच दोहारिया इलाके में कम से कम चार बाइक सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी को रोक लिया.
पुलिस का कहना है कि हमलावरों को एक चारपहिया वाहन का भी समर्थन मिला हुआ था. शुरुआती फोरेंसिक जांच में Glock 47X जैसी अत्याधुनिक पिस्टल इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई गई है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, इस तरह के हथियार का इस्तेमाल आम तौर पर साधारण अपराधी नहीं करते हैं. हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इसमें पेशेवर निशानेबाज या सुपारी लेकर हत्या करने वाले शामिल थे.
फर्जी नंबर प्लेट और CCTV फुटेज की जांच
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए चारपहिया वाहन को बरामद कर लिया है, लेकिन उसकी नंबर प्लेट फर्जी और छेड़छाड़ की हुई पाई गई. मौके से जिंदा कारतूस और खाली खोखे भी बरामद किए गए हैं. पुलिस अब CCTV फुटेज और चश्मदीदों के बयानों की मदद से हमलावरों की पहचान करने में जुटी हुई है.
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमलावर एयरपोर्ट इलाके से ही रथ की SUV का पीछा कर रहे थे. वहां मौजूद लोगों के मुताबिक दोहारिया पहुंचते ही एक वाहन ने अचानक रथ की गाड़ी को रोका, जिसके बाद बाइक सवार हमलावरों ने बेहद करीब से फायरिंग शुरू कर दी.
सीने और पेट में लगी गोलियां
हमले के दौरान चंद्रनाथ रथ को सीने और पेट में कई गोलियां लगीं. डॉक्टरों के मुताबिक गोलियां उनके दिल और पेट को चीरते हुए निकल गईं. रथ के ड्राइवर बुद्धदेब बेरा भी हमले में गंभीर रूप से घायल हुए हैं. उन्हें सीने, पेट और पैर में गोली लगी है और उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है.
वहां मौजूद एक व्यक्ति ने घटना को प्री- प्लान बताते हुए कहा, जैसे ही चंद्र की कार मेरी कार के आगे से गुजरी, वह अचानक बीच रास्ते में रुक गई, और बाइक पर सवार एक व्यक्ति आया और कार के बाईं ओर से गोली चलाने लगा. गोली चलाने वाला माहिर लग रहा था और तुरंत भाग गया. गोलियां बिलकुल करीब से चलाई गई थीं.
स्थानीय लोग दोनों घायलों को पास के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने चंद्रनाथ रथ को मृत घोषित कर दिया. अस्पताल के मालिक प्रतिम सेनगुप्ता ने कहा, जब रथ को लाया गया तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. बेरा को बाद में दूसरे अस्पताल में ले जाया गया.
चुनाव नतीजों के बाद बढ़ा सियासी तूफान
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजों के 48 घंटे के भीतर हुई इस हत्या ने राज्य की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. सुवेंदु अधिकारी ने इसे निर्दयी और पूर्व नियोजित हत्या करार देते हुए आरोप लगाया कि हमलावरों ने हत्या से पहले कई दिनों तक रेकी की थी. उन्होंने कहा, दो-तीन दिन तक रेकी की गई और हत्या की पूरी योजना बनाई गई थी. यह बंगाल में 15 वर्षों के महाजंगल राज का परिणाम है. साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की.
बीजेपी और टीएमसी आमने-सामने
समीक भट्टाचार्य ने हत्या को सुनियोजित और लक्षित हमला बताते हुए कहा कि यह एक राजनीतिक संदेश देने की कोशिश है. भाजपा नेताओं अग्निमित्रा पॉल, स्वपन दासगुप्ता और कौस्तव बागची ने भी हत्या के पीछे राजनीतिक साजिश होने का आरोप लगाया है.
वहीं ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने घटना की निंदा करते हुए कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग की है. पार्टी ने राज्य के अन्य हिस्सों में चुनाव बाद हिंसा के लिए “भाजपा समर्थित उपद्रवी को जिम्मेदार ठहराया है.
बिना हेलमेट और नंबर प्लेट के फरार हुए हमलावर
पुलिस अब घटनास्थल और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाल रही है. जांच में सामने आया है कि हमलावर बिना हेलमेट और बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिलों पर आए थे ताकि उनकी पहचान न हो सके. फिलहाल पुलिस पेशेवर शूटरों और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के एंगल से मामले की जांच कर रही है.


