बंगाल में हार के बाद ममता बनर्जी को एक और झटका! चेतावनी के बावजूद TMC की अहम बैठक में नहीं पहुंचे 9 विधायक

बंगाल चुनाव में करारी हार के बाद TMC में बगावत के संकेत दिख रहे हैं. ममता बनर्जी की अहम बैठक में 9 विधायक नहीं पहुंचे. वहीं ममता ने अपने ही कुछ नेताओं पर तोड़फोड़ का आरोप लगाते हुए अनुशासन समिति बनाई और पार्टी में सख्ती बरतने की चेतावनी दी है,

Sonee Srivastav

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में अंदरूनी कलह बढ़ गई है. पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने अपने ही कुछ लोगों पर तोड़फोड़ का आरोप लगाते हुए सख्त रुख अपनाया है. 

ममता बनर्जी की अहम बैठक

ममता बनर्जी ने बुधवार को दक्षिण कोलकाता के कालीघाट स्थित आवास पर 80 नवनिर्वाचित TMC विधायकों में से 71 के साथ बैठक की. बैठक में उन्होंने पार्टी में किसी भी तरह के विद्रोह या असंतोष को बर्दाश्त न करने की साफ चेतावनी दी.

आंतरिक तोड़फोड़ का गंभीर आरोप

ममता ने कहा कि पार्टी के कुछ अपने ही लोगों ने उन्हें नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने इसकी जांच के लिए वरिष्ठ नेताओं डेरेक ओ’ब्रायन, फिरहाद हकीम, चंद्रिमा भट्टाचार्य और असीमा पात्रा को शामिल कर एक अनुशासन समिति बनाई है. साथ ही अशांत जिलों में फैक्ट-फाइंडिंग टीमों को भेजा गया है.

9 विधायक बैठक में गैरहाजिर

बैठक में 9 विधायक नहीं पहुंचे, जिससे पार्टी में बगावत की अटकलें तेज हो गई हैं.  कुछ विधायकों ने पोस्ट-पोल हिंसा को नियंत्रित करने का हवाला दिया, जबकि उत्तर बंगाल के कुछ विधायकों को बैठक में आने से रोका गया.

चुनाव में धांधली का दावा

ममता बनर्जी ने चुनाव परिणाम को स्वीकार करते हुए भी धांधली का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि वोट शेयर में सिर्फ 30 लाख का अंतर है, जो हटाए गए नामों के बराबर है.

TMC अदालत और जरूरत पड़ने पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इस मामले को ले जाएगी. उन्होंने सभी विधायकों से विधानसभा के पहले दिन काले कपड़े पहनकर आने को कहा और इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया.

पार्टी में अनुशासन की अपील

ममता ने कुछ TMC सांसदों द्वारा भाजपा की जीत पर बधाई देने वाले बयानों पर भी नाराजगी जताई. बैठक में उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को खड़े होकर तालियां बजाई गई. ममता ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे 9 मई को रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाएं. 

हार के बाद TMC में ममता बनर्जी की यह बैठक पार्टी को फिर से मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है, लेकिन 9 विधायकों की गैरमौजूदगी ने अंदरूनी असंतोष को और उजागर कर दिया है.

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