क्या बिहार में फिर बनेगा 16-16 का फॉर्मूला? गांधी मैदान में आज होगा ऐतिहासिक शपथ ग्रहण, मंत्रियों की संख्या पर होगा खुलासा

आज बिहार में म्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का विस्तार गांधी मैदान में होगा, जहां कई विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे. शपथ समारोह को लेकर तैयारी मैदान में तैयारियां शुरू हो गई हैं.

Sonee Srivastav

पटना: बिहार की नई सरकार आज मंत्रिमंडल विस्तार के साथ पूरी तरह से सजने जा रही है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का विस्तार आज गांधी मैदान में होगा, जहां कई विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे. इस विस्तार को लेकर सबसे बड़ी चर्चा मंत्रियों की संख्या को लेकर है.

BJP 15 और JDU 14 बना सकते हैं मंत्री 

सूत्रों के मुताबिक जनता दल (यू) अपने पूरे कोटे का इस्तेमाल नहीं करना चाहती. पार्टी संभवतः 11 विधायकों को ही मंत्री बनाने जा रही है. अगर जदयू 11 पर रुकती है तो भाजपा भी 12 मंत्रियों तक सीमित रह सकती है. हालांकि अगर दोनों पार्टियां पूरे कोटे का फायदा उठाती हैं तो भाजपा 15 और जदयू 14 मंत्री बना सकती है. संख्या कम होने पर नए चेहरों की एंट्री सीमित हो सकती है, जबकि पूर्ण विस्तार होने पर कई नए चेहरे मंत्री बन सकते हैं.

भाजपा में नए चेहरों की संभावना

भाजपा अगर 12 या 13 मंत्री बनाती है तो कुछ पुराने मंत्रियों को जगह देनी पड़ सकती है. जातिगत समीकरण को ध्यान में रखते हुए कई नाम चर्चा में हैं. नारायण प्रसाद की जगह सुनील कुमार पिंटू, अरुण शंकर प्रसाद की जगह संजीव चौरसिया, संजय टाइगर की जगह नीरज बबलू और प्रमोद चंद्रवंशी की जगह राजेंद्र गुप्ता जैसे बदलाव हो सकते हैं. 

दलित समाज से संगीता कुमारी या अनिल राम और भूमिहार समाज से जीवेश मिश्रा या रजनीश कुमार जैसे नए चेहरे भी मंत्री पद की दौड़ में हैं. पार्टी कायस्थ और कुशवाहा समुदाय से इस बार ज्यादा उम्मीद नहीं रख रही है, क्योंकि मुख्यमंत्री कुशवाहा समाज से हैं और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कायस्थ समाज से हैं.

जदयू में पुराने और नए का संतुलन

जदयू चाहे 11 मंत्री बनाए या 14, इसमें पुराने अनुभवी और नए चेहरों का अच्छा मिश्रण रहेगा. दलित कोटे से रत्नेश सदा और महेश्वर हजारी जैसे पुराने नेता वापसी कर सकते हैं. नए नामों में अतिरेक कुमार की चर्चा जोरों पर है.

वैश्य समाज से ललन सर्राफ या श्वेता गुप्ता, कुशवाहा से भगवान सिंह कुशवाहा, कुर्मी से रूहेल रंजन और शुभानंद मुकेश संभावित नाम हैं. इसके अलावा शीला मंडल या बुलो मंडल में से एक महिला मंत्री भी बन सकती है.

16-16 मंत्रियों का बड़ा संदेश

अगर आज 16-16 मंत्री शपथ लेते हैं तो यह साफ संकेत होगा कि राजग अब किसी अन्य दल को शामिल करने की राह पर नहीं है. पूरी क्षमता के साथ मंत्रिमंडल बनने से सरकार की मजबूती और स्थिरता का भी संदेश जाएगा. आज का शपथ ग्रहण समारोह बिहार की राजनीति में नई शुरुआत का प्रतीक होगा. 

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