तमिलनाडु में विजय का शपथ ग्रहण टला? बहुमत के आंकड़े पर फंसा मामला
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सस्पेंस लगातार बढ़ता जा रहा है. बहुमत के जरूरी आंकड़े से पीछे चल रही टीवीके के प्रमुख विजय का शपथ ग्रहण फिलहाल अधर में लटका है, जबकि समर्थन जुटाने के लिए राजनीतिक बातचीत तेज हो गई है.

नई दिल्ली: तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी सियासी हलचल के बीच तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) प्रमुख विजय सिंह के मुख्यमंत्री पद की शपथ को लेकर संशय बरकरार है. सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर अभी तक बहुमत के पर्याप्त समर्थन को लेकर संतुष्ट नहीं हैं, जिसके चलते गुरुवार को शपथ ग्रहण की संभावना बेहद कम मानी जा रही है.
राज्य की राजनीति में तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच टीवीके लगातार समर्थन जुटाने की कोशिश में लगी हुई है. हालांकि कांग्रेस ने पार्टी को समर्थन देने का फैसला किया है, लेकिन अभी भी बहुमत का आंकड़ा पूरा नहीं हो सका है.
राज्यपाल ने मांगा बहुमत का स्पष्ट प्रमाण
सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने नेताओं के साथ हुई बैठक में साफ कर दिया कि सरकार गठन की प्रक्रिया तभी आगे बढ़ेगी, जब 118 विधायकों के समर्थन का स्पष्ट प्रमाण प्रस्तुत किया जाएगा.
बैठक के दौरान विजय ने 112 विधायकों के समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपे. हालांकि दो सीटों से चुनाव जीतने के कारण उनकी पार्टी टीवीके की प्रभावी संख्या 107 मानी जा रही है. कांग्रेस की ओर से पांच विधायकों के समर्थन पत्र दिए गए हैं, जिसके बाद कुल समर्थन 112 तक पहुंचा है.
विजय ने मांगा और समय
सूत्रों के अनुसार, बैठक के बाद विजय ने बाकी समर्थन जुटाने के लिए राज्यपाल से अतिरिक्त समय की मांग की है. तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति लगातार बदल रही है और विभिन्न दल अपने विकल्पों पर विचार कर रहे हैं.
सरकार गठन के समीकरणों के बीच छोटी पार्टियों की भूमिका भी अहम होती जा रही है.
वीसीके और वाम दलों का फैसला बाकी
दो विधायकों वाली वीसीके ने कहा है कि टीवीके को समर्थन देने को लेकर गुरुवार को फैसला लिया जाएगा. वहीं वाम मोर्चा के चार विधायक 8 मई तक अपना रुख स्पष्ट करेंगे.
हालांकि चार सीटों वाली पीएमके के नेताओं ने गुरुवार को विजय से मुलाकात की, लेकिन पार्टी की ओर से अभी तक समर्थन का आधिकारिक पत्र जारी नहीं किया गया है.
राज्यपाल से मिले विजय
बुधवार को टीवीके प्रमुख विजय ने तमिलनाडु के राज्यपाल अर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया. यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब उनकी पार्टी राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई.
राजभवन में हुई इस बैठक में विजय के साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे. इनमें “बुस्सी” एन आनंद, आधव अर्जुन, के.ए. सेंगोत्तैयान और सी.टी. निर्मल कुमार समेत अन्य नेता शामिल थे.
कांग्रेस के समर्थन के बाद बढ़ी हलचल
विजय की राज्यपाल से मुलाकात कांग्रेस द्वारा समर्थन की घोषणा के कुछ घंटों बाद हुई. इससे पहले चेन्नई में टीवीके नेतृत्व और कांग्रेस नेताओं के बीच अहम बैठक भी हुई थी.
अब तमिलनाडु में सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि टीवीके बहुमत का आंकड़ा पूरा कर पाती है या नहीं.


