EVM स्ट्रांगरूम के पास संदिग्ध गाड़ी से हड़कंप, चुनाव से पहले बंगाल में बढ़ा सियासी तापमान

आसनसोल में स्ट्रांगरूम के पास संदिग्ध गाड़ी से लिफाफा और मोबाइल मिलने पर चुनावी माहौल गरमा गया. इसके बाद भाजपा ने साजिश का आरोप लगाकर विरोध किया.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

पश्चिम बंगाल में मतदान से ठीक एक दिन पहले आसनसोल में चुनावी माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया. ईवीएम को सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए स्ट्रांगरूम के पास खड़ी एक संदिग्ध गाड़ी से सीलबंद लिफाफा और एक बंद मोबाइल फोन मिलने की घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी. 

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले ही मतगणना प्रक्रिया में संभावित गड़बड़ी और ईवीएम से छेड़छाड़ को लेकर सवाल उठा चुकी हैं. जानकारी के मुताबिक, आसनसोल इंजीनियरिंग कॉलेज स्थित स्ट्रांगरूम के पास खड़ी एक गाड़ी पर कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं की नजर पड़ी. उन्हें गाड़ी संदिग्ध लगी, जिसके बाद उन्होंने उसकी तलाशी ली. 

गाड़ी से मिला सीलबंद लिफाफा 

जांच के दौरान गाड़ी से एक सीलबंद लिफाफा मिला, जिस पर ऐसे निशान मौजूद थे जो रानीगंज विधानसभा क्षेत्र से जुड़े होने की ओर इशारा कर रहे थे. इसके साथ ही एक मोबाइल फोन भी बरामद हुआ, जो बंद अवस्था में था. बताया जा रहा है कि यह गाड़ी चुनाव ड्यूटी में लगी हुई थी, जिससे इसका संबंध चुनावी व्यवस्था से जुड़ा माना जा रहा है.

इस घटना की खबर फैलते ही भाजपा समर्थक बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने इसे एक सुनियोजित साजिश करार देते हुए गाड़ी को तुरंत जब्त करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई. स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.

पुलिस उपायुक्त ध्रुवी दास के नेतृत्व में एक टीम मौके पर पहुंची और गाड़ी से बरामद मोबाइल फोन व दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया. अधिकारियों के अनुसार, यह पता लगाने के लिए जांच जारी है कि लिफाफा कहां से आया, उसमें क्या सामग्री थी और मोबाइल फोन वहां कैसे पहुंचा. पुलिस ने कहा है कि हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

टीएमसी के स्थानीय नेताओं ने क्या कहा? 

दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के स्थानीय नेताओं ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा कि पुलिस को यह भी जांच करनी चाहिए कि कहीं यह मोबाइल फोन 9 अप्रैल को नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान चोरी हुए फोन में से तो नहीं है. उस रैली के दौरान पोलो ग्राउंड में बड़ी संख्या में मोबाइल चोरी होने की घटनाएं सामने आई थीं, जिससे उस समय भी विवाद खड़ा हुआ था.

इसी बीच, भाबानीपुर से भी एक अलग विवाद सामने आया है, जो ममता बनर्जी का विधानसभा क्षेत्र है. यहां टीएमसी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा के झंडे लगी दो गाड़ियों को ईवीएम वाले परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई. इस आरोप ने एक और राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है.

अधिकारियों का क्या कहना है? 

इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने स्ट्रांगरूम और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि मतगणना से पहले किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. 4 मई को होने वाली मतगणना को देखते हुए सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता सतर्क हैं और स्ट्रांगरूम के बाहर निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनी रहे.

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