भारत में टैक्सी सेवाओं के क्षेत्र में आज एक नई पहल की शुरुआत होने जा रही है. नई दिल्ली में भारत टैक्सी के आधिकारिक लॉन्च के साथ देश में सहकारी मॉडल पर आधारित टैक्सी सेवा की एंट्री होगी. इस ऐप का उद्घाटन केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह करेंगे. सरकार समर्थित इस पहल को टैक्सी ड्राइवरों और यात्रियों दोनों के लिए एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है.
ऑल इंडिया रेडियो के आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से साझा जानकारी के अनुसार, अमित शाह 5 फरवरी 2026 को भारत टैक्सी ऐप लॉन्च करेंगे. पोस्ट में कहा गया कि यह प्लेटफॉर्म सहकारी व्यवस्था को मजबूती देगा और यात्रा सेवाओं को अधिक नागरिक-केंद्रित बनाएगा. भारत टैक्सी को आज दोपहर 3 बजे दिल्ली-एनसीआर में औपचारिक रूप से शुरू किया जाएगा. आने वाले समय में इसके अन्य राज्यों और शहरों तक विस्तार की भी योजना है.
भारत टैक्सी एक राइड-हेलिंग ऐप है, जो पूरी तरह सहकारी ढांचे पर आधारित है. केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के मुताबिक, इस मॉडल में ड्राइवरों को केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि मालिक और भागीदार के रूप में रखा गया है. इसका मकसद निजी कंपनियों द्वारा लगाए जाने वाले भारी कमीशन और ड्राइवरों के शोषण से राहत दिलाना है.
हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि भारत टैक्सी सीधे तौर पर भारत सरकार द्वारा संचालित नहीं है. इसका संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड करती है. इस सहकारी संस्था को उन पेशेवरों का समर्थन प्राप्त है, जो पहले अमूल जैसी सफल सहकारी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं.
भारत टैक्सी का कार्य-मॉडल अन्य ऐप्स से अलग है. यहां हर ड्राइवर, जिसे “सारथी” कहा जाता है. सहकारी समिति में पांच शेयरधारक होता है. निजी एग्रीगेटरों की तरह प्रति राइड कोई कमीशन नहीं लिया जाता. इसके बजाय, ड्राइवरों से ऐप इस्तेमाल के लिए रोज़ाना 30 रुपये का फिक्स्ड शुल्क लिया जाता है. इससे ड्राइवरों की आमदनी पर सीधा असर पड़ता है और उन्हें ज्यादा नियंत्रण मिलता है.
यात्रियों के लिए भी यह ऐप फायदेमंद साबित हो सकता है. अधिकारियों के अनुसार, भारत टैक्सी के किराए निजी कंपनियों की तुलना में 30 प्रतिशत तक कम हो सकते हैं. फिलहाल इस प्लेटफॉर्म पर 4 लाख से ज्यादा ड्राइवर पंजीकृत बताए जा रहे हैं. सुरक्षा के लिहाज़ से भी भारत टैक्सी में कई इंतज़ाम किए गए हैं. इसमें एक समर्पित हेल्पलाइन, ड्राइवर वेरिफिकेशन सिस्टम और दिल्ली पुलिस के सहयोग से स्थापित 35 सहायता बूथ शामिल हैं.
गौरतलब है कि इस प्लेटफॉर्म का पायलट प्रोजेक्ट दिसंबर 2025 में दिल्ली और गुजरात में शुरू हुआ था, जहां प्रतिदिन औसतन 5,500 राइड्स दर्ज की गईं. ऐप में एसी-नॉन एसी कैब, एक्सएल कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी जैसे कई विकल्प मौजूद हैं, जिससे यह मौजूदा राइड-हेलिंग सेवाओं को कड़ी टक्कर दे सकता है. First Updated : Thursday, 05 February 2026