Budget 2025: बीते कुछ महीनों से भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी है, ऐसे में सवाल यह उठता है कि 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट के बाद बाजार में उछाल आएगा या निवेशकों को और गिरावट का सामना करना पड़ेगा? एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस बार भी बाजार में अस्थिरता (Volatility) बनी रह सकती है. आइए जानते हैं कि पिछले वर्षों में बजट के दिन बाजार ने कैसा प्रदर्शन किया और 2025 के लिए एक्सपर्ट्स क्या सलाह दे रहे हैं.
बजट के दिन भारतीय शेयर बाजार में ऐतिहासिक रूप से बड़ी हलचल देखी गई है. आंकड़ों के अनुसार, बीते 14 सालों में 12 बार निफ्टी 50 में 2-3% की इंट्राडे मूवमेंट दर्ज की गई है. मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, शेयर डॉट मार्केट के सुजीत मोदी का कहना है, "बजट से पहले भारत का VIX सूचकांक (Volatility Index) बढ़ता है और बजट घोषणाओं के दौरान यह गिर जाता है. यह दर्शाता है कि निवेशक बजट के असर को लेकर काफी सतर्क रहते हैं."
1. 2020 में बजट पेश होने के दिन नए टैक्स स्लैब और कम टैक्स रेट की घोषणा के बावजूद बाजार में गिरावट देखी गई. उस दौरान सेंसेक्स 2.43% गिरकर 40,000 के नीचे बंद हुआ और निवेशकों को लगभग 3.6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था.
2. वहीं 2021 में कोरोना महामारी के बाद राहत पैकेज और आर्थिक सुधारों के ऐलान से बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी. सेंसेक्स 2,314 अंक उछलकर 48,600 पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 646 अंक बढ़कर 14,281 पर बंद हुआ था.
3. 2022 में बजट के दौरान आर्थिक विकास को बढ़ावा देने वाले उपायों की घोषणा के बाद बाजार ने पॉजिटिव प्रतिक्रिया दी.
सेंसेक्स 849 अंक बढ़कर 58,862 पर और निफ्टी 237 अंक चढ़कर 17,576 पर पहुंच गया.
4. 2023 में बजट के दिन सेंसेक्स ने 1,100 अंकों की बढ़त दर्ज की, लेकिन अंत में सिर्फ 158 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ. निफ्टी में मामूली गिरावट दर्ज की गई और यह 17,616 पर बंद हुआ.
5. 2024 में बजट के दिन शेयर बाजार में सरकार द्वारा पूंजीगत लाभ और ट्रेडिंग डेरिवेटिव पर कर बढ़ाने के प्रस्ताव से भारी गिरावट देखी गई.
बिगुल के सीईओ अतुल पारेख के अनुसार, इस बार के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर और कृषि सेक्टर को अहम घोषणाएं मिल सकती हैं. सरकार का ध्यान पूंजीगत व्यय बढ़ाने और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने पर रहेगा.
इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कों, रेलवे और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स पर निवेश बढ़ सकता है.
हेल्थकेयर: सरकार नई स्वास्थ्य योजनाएं और मेडिकल रिसर्च को बढ़ावा देने की घोषणा कर सकती है.
कृषि: किसानों के लिए नई सब्सिडी और कृषि योजनाओं पर जोर दिया जा सकता है.
आईटी और टेक सेक्टर: डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप्स के लिए टैक्स छूट की उम्मीद है.
1. बजट से पहले कोई बड़ा निवेश न करें, बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है.
2. इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थकेयर सेक्टर पर नजर रखें, इनमें तेजी देखने को मिल सकती है.
3. स्टॉप-लॉस लगाकर ट्रेडिंग करें, क्योंकि बाजार में बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना है.
4. लॉन्ग टर्म निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं, बजट के बाद बाजार में स्थिरता आ सकती है.
5. मौजूदा गिरावट को खरीदारी के मौके के रूप में देखें, लेकिन रिस्क मैनेजमेंट जरूरी है. First Updated : Wednesday, 29 January 2025