'जेल में मुझे मारने की रची गई साजिश', रौशन आनंद का बड़ा आरोप, हाई लेवल जांच की उठाई मांग
ज्ञान बिंदु जी.एस. एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद ने जेल से बाहर आने के बाद कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया है कि जेल के अंदर उन पर दबाव बनाया गया और उनकी जान लेने की कोशिश भी की गई.

पटना: ज्ञान बिंदु जी.एस. एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद ने जेल से बाहर आने के बाद कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया है कि न केवल उन्हें एक साजिश के तहत फंसाया गया, बल्कि जेल के अंदर उनकी जान लेने की कोशिश भी की गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जेल में रहते हुए उन पर दबाव बनाया गया और उनकी सुरक्षा को खतरा था. रौशन आनंद ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके.
सोमवार को बेऊर जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद रौशन आनंद ने मीडिया से बातचीत में कई चौंकाने वाले दावे किए. उन्होंने कहा कि एक बयान को आधार बनाकर उन्हें योजनाबद्ध तरीके से कानूनी मामले में उलझाया गया. साथ ही उन्होंने अपने भाई प्रिंस यादव की मौत को भी एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया.
खान सर पर साधा निशाना
पटना के एनआईटी मोड़ के पास स्थित अपने कोचिंग संस्थान में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान रौशन आनंद ने खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर पर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज कराए गए मामले गलत तथ्यों पर आधारित हैं. भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि उनके भाई की मौत की भी गहराई से जांच होनी चाहिए. उनका कहना था कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कई ऐसे पहलू हैं जिनकी अभी तक पूरी तरह पड़ताल नहीं हुई है.
जेल में जान का खतरा होने का दावा
रौशन आनंद ने दावा किया कि जेल के अंदर कुछ लोगों द्वारा उनकी हत्या की साजिश रची गई थी. हालांकि उन्होंने इस संबंध में विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन कहा कि समय रहते प्रशासन की सतर्कता के कारण बड़ा हादसा टल गया. उन्होंने यह भी कहा कि जून महीने के दौरान उन पर समझौते के लिए दबाव बनाया गया था. उनके अनुसार, इस मामले में कई ऐसी बातें हैं जिन्हें जांच एजेंसियों को गंभीरता से देखना चाहिए.
कोचिंग सेंटर हमले के मामले में मिली जमानत
गौरतलब है कि खान ग्लोबल स्टडीज परिसर में हुई तोड़फोड़ और सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने तीन जून को रौशन आनंद को गिरफ्तार किया था. बाद में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने उनकी नियमित जमानत याचिका स्वीकार कर ली. अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें बेऊर जेल से रिहा कर दिया गया. जमानत मिलने के बाद उन्होंने पूरे मामले को राजनीतिक और व्यक्तिगत साजिश करार दिया.
प्रिंस यादव मौत मामले की जांच तेज
दूसरी ओर, ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े प्रिंस यादव की नेपाल के विराटनगर में हुई संदिग्ध मौत की जांच भी लगातार जारी है. नेपाल पुलिस ने मामले में कई लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार, एक नेपाली नागरिक समेत कुल पांच लोगों से अलग-अलग पहलुओं पर सवाल-जवाब किए जा रहे हैं. जांच एजेंसियां होटल के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी समीक्षा कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी.
इधर पटना पुलिस भी खान कोचिंग सेंटर पर हुए हमले की जांच में जुटी हुई है. इसी सिलसिले में कोचिंग संस्थान के मकान मालिक से पूछताछ की गई. पुलिस ने घटना से जुड़े कई प्रत्यक्षदर्शियों और कर्मचारियों को भी नोटिस भेजा है. अधिकारियों का कहना है कि सभी संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने के बाद आगे की जांच को अंतिम रूप दिया जाएगा. फिलहाल यह मामला कई स्तरों पर जांच के दायरे में है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं.


