G7 Summit 2026: ट्रंप का बड़ा बयान, ईरान समझौते के बाद रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने पर पूरा फोकस
फ्रांस में आयोजित हो रहे जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि ईरान के साथ शुरुआती समझौता होने के बाद, अब उनका पूरा ध्यान रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने पर केंद्रित होगा.

नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दखल एक बार फिर से सबसे बड़ा केंद्र बिंदु बन गया है. फ्रांस में आयोजित हो रहे जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि ईरान के साथ शुरुआती समझौता होने के बाद, अब उनका पूरा ध्यान रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने पर केंद्रित होगा.
जी-7 शिखर सम्मेलन में ट्रंप का बड़ा बयान
होर्मुज स्ट्रेट में ट्रैफिक बहाल होने के बाद ट्रंप ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ बातचीत में इस बात की पुष्टि की कि उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों से सीधी और सकारात्मक बातचीत की है. ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों ही पक्ष अब टेबल पर आने के लिए तैयार दिख रहे हैं, जिससे इस लंबे समय से खिंच रहे संघर्ष के खत्म होने की उम्मीद जगी है.
जेलेंस्की का पुतिन से मुलाकात का प्रस्ताव खारिज
ईरान समझौता लागू होने के करीब होने के बाद ट्रंप ने मैक्रों को आश्वस्त किया कि यह समझौता अब औपचारिक रूप से पूरी तरह लागू होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे मध्य पूर्व का संकट काफी हद तक शांत हुआ है. जेलेंस्की का पुतिन से मुलाकात का प्रस्ताव खारिज होने के बाद यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की पश्चिमी देशों से और अधिक सैन्य और राजनीतिक समर्थन की उम्मीद में खुद जी-7 समिट में पहुंचे हैं. जेलेंस्की ने समिट के इतर रूसी राष्ट्रपति पुतिन से सीधे मिलने और शांति वार्ता को आगे बढ़ाने का एक औपचारिक प्रस्ताव भी रखा था. हालांकि, रूस ने इस स्तर की किसी भी सीधी बैठक में शामिल होने से फिलहाल साफ इनकार कर दिया है.
अमेरिकी नीतियों से यूरोप में पसरी चिंता
अमेरिकी नीतियों से यूरोप में पसरी चिंता के बीच ट्रंप यूक्रेन संकट को सुलझाने का दावा कर रहे हैं. लेकिन यूरोपीय देशों के नेताओं में अमेरिका की नीतियों को लेकर भारी बेचैनी देखी जा रही है. युद्ध के बीच ही अमेरिका और फ्रांस के बीच नए व्यापारिक तनाव ने जन्म ले लिया है. ट्रंप ने खुले तौर पर चेतावनी दी है कि यदि फ्रांस ने अमेरिकी टेक कंपनियों पर लगाया गया डिजिटल टैक्स वापस नहीं लिया, तो अमेरिका फ्रांसीसी वाइन पर टैरिफ ठोक देगा. इस कड़े रुख ने समिट के माहौल को और अधिक पेचीदा बना दिया है.


