CNG ने फिर दिया बड़ा झटका, 11 दिन में 7 रुपये की छलांग और आज फिर बढ़े दाम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार सुबह से सीएनजी की कीमतों में एक बार फिर 2 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी गई है. पश्चिम एशिया के तनाव का सीधा असर अब दिल्ली-एनसीआर के आम नागरिकों की जेब पर दिखने लगा है.

नई दिल्ली: वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी उथल-पुथल और पश्चिम एशिया के तनाव का सीधा असर अब दिल्ली-एनसीआर के आम नागरिकों की जेब पर दिखने लगा है. राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार सुबह से सीएनजी की कीमतों में एक बार फिर 2 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी गई है.
9 दिनों में तीसरी बढ़ोत्तरी
यह लगातार बढ़ती महंगाई के बीच पिछले 11 दिनों के भीतर चौथी और बीते 9 दिनों में तीसरी वृद्धि है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के चलते सरकारी तेल कंपनियों पर पड़ रहे भारी दबाव के कारण यह फैसला लिया गया है.
11 दिनों में 7 महंगी हुई सीएनजी
इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड द्वारा की गई इस ताजा समीक्षा के बाद दिल्ली में सीएनजी की नई कीमत अब 83.09 प्रति किलोग्राम हो गई है जो पहले 81.09 थी. कीमतों में बढ़ोतरी का यह सिलसिला 15 मई से शुरू हुआ था जब कीमतों में 2 की वृद्धि की गई थी. इसके बाद बीते शुक्रवार और रविवार को भी कीमतों में 1-1 प्रति किलो का इजाफा किया गया.
एलपीजी सिलेंडर में कोई बदलाव नहीं
15 मई से लेकर अब तक मात्र 11 दिनों के भीतर दिल्ली में सीएनजी के दाम कुल 7 प्रति किलोग्राम तक बढ़ चुके हैं. राहत की बात यह है कि घरों में सप्लाई होने वाली पाइप्ड नेचुरल गैस और घरेलू एलपीजी सिलेंडर की दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है.
पेट्रोल-डीजल के दामों में भी लगी आग
पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी आम जनता को परेशान कर रही हैं. बीते शनिवार को ही देश भर में ईंधन की कीमतों में इस महीने की तीसरी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी जिसके तहत पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ था. इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 99.51 प्रति लीटर जो पहले 98.64 और डीजल की कीमत 92.49 प्रति लीटर जो पहले 91.58 पर पहुंच गई है.
क्रूड ऑयल का असर
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आपूर्ति बाधित होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 86 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं जो फरवरी के अंत में महज 72 डॉलर प्रति बैरल थीं. भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है जिससे वैश्विक बाजार में होने वाला कोई भी उतार-चढ़ाव सीधे घरेलू कीमतों को प्रभावित करता है.
आम जनता पर दोहरी मार
लगातार बढ़ते ईधन के दामों से माल ढुलाई और परिवहन लागत में भारी बढ़ोतरी की आशंका है. विश्लेषकों का मानना है कि इसका सीधा असर आने वाले दिनों में फल, सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा जिससे खुदरा महंगाई बढ़ सकती है. हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय ने देश में ईधन की पर्याप्त आपूर्ति का आश्वासन दिया है और अफवाहों से बचने की सलाह दी है.


