खाड़ी में तनाव बढ़ते ही दुबई के निवेशकों में बेचैनी, सिंगापुर-हांगकांग बने विकल्प
ईरान के साथ बढ़ते तनाव और हालिया मिसाइल हमलों के बाद कुछ अमीर एशियाई निवेशक दुबई से अपनी संपत्ति सुरक्षित वित्तीय केंद्रों जैसे सिंगापुर और हांगकांग में शिफ्ट करने पर विचार कर रहे हैं.

ईरान के साथ बढ़ते तनाव और हाल में हुए मिसाइल व ड्रोन हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र में निवेश को लेकर कुछ अमीर एशियाई निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बन गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्र में बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण कई निवेशक अपनी संपत्ति को सुरक्षित वित्तीय केंद्रों में स्थानांतरित करने के विकल्प तलाशने लगे हैं. खासतौर पर एशिया के बड़े कारोबारी घरानों और हाई-नेटवर्थ व्यक्तियों में यह रुझान देखने को मिल रहा है.
निवेशकों के बीच जोखिम प्रबंधन को लेकर चर्चाएं तेज
रिपोर्ट्स के अनुसार, हालिया हमलों के बाद दुबई में रहने वाले दो भारतीय उद्यमियों ने अपने बैंक खातों से एक लाख डॉलर से अधिक की राशि सिंगापुर भेजने का प्रयास किया. उनका उद्देश्य संभावित जोखिम से अपनी पूंजी को सुरक्षित रखना था. हालांकि शुरुआती प्रयास में तकनीकी दिक्कतों के कारण यह ट्रांजैक्शन पूरा नहीं हो पाया. बाद में उनमें से एक कारोबारी ने दुबई के ही एक अन्य बैंक की मदद से अपनी राशि सिंगापुर स्थानांतरित करने में सफलता हासिल कर ली. इस घटना के बाद निवेशकों के बीच जोखिम प्रबंधन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
वित्तीय सलाहकारों और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि कई संपन्न एशियाई निवेशक दुबई में रखी अपनी पूंजी को अब सिंगापुर और हांगकांग जैसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्रों में स्थानांतरित करने पर विचार कर रहे हैं. दरअसल, अमेरिका और इज़राइल के साथ ईरान के बढ़ते टकराव ने खाड़ी क्षेत्र में निवेश की सुरक्षा को लेकर कुछ लोगों को सतर्क कर दिया है. हालांकि यह बदलाव अभी बड़े पैमाने पर नहीं है, लेकिन निवेशकों के बीच विकल्पों पर चर्चा जरूर बढ़ी है.
निवेशकों की पसंद दुबई
पिछले कुछ वर्षों में दुबई एशियाई निवेशकों के लिए एक प्रमुख वेल्थ हब के रूप में उभरा है. चीन, भारत और अन्य एशियाई देशों के कई बड़े कारोबारी और समृद्ध परिवार यहां अपने कारोबार और निवेश का विस्तार कर चुके हैं. खाड़ी क्षेत्र में तेजी से बढ़ता रियल एस्टेट बाजार, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के अनुकूल माहौल ने दुबई को वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाया है. संयुक्त अरब अमीरात के केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के मुताबिक देश के बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र की कुल संपत्ति लगभग 5.42 ट्रिलियन दिरहम यानी करीब 1.48 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है.
इसके बावजूद सभी निवेशक तुरंत अपनी पूंजी निकालने के पक्ष में नहीं हैं. कई वेल्थ मैनेजमेंट कंपनियों का कहना है कि उनके अधिकांश ग्राहक फिलहाल हालात पर नजर बनाए हुए हैं और जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला नहीं लेना चाहते. यूएई के केंद्रीय बैंक ने भी स्पष्ट किया है कि देश का बैंकिंग तंत्र पूरी तरह मजबूत और स्थिर है और सभी वित्तीय संस्थान सामान्य रूप से काम कर रहे हैं. ऐसे में बड़ी संख्या में निवेशक अभी स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं और ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपना रहे हैं.


