भारतीय रिजर्व बैंक के एक बड़े फैसले के बाद सोमवार को पेटीएम की मूल कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई. शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों की भारी बिकवाली के चलते शेयर करीब 8 प्रतिशत तक टूट गया और यह 1,077 रुपये के आसपास आ गया, जो दिन के निचले स्तर के करीब था.
इस गिरावट की मुख्य वजह RBI द्वारा पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द किया जाना रहा, जिससे इसके दोबारा संचालन की सभी संभावनाएं खत्म हो गईं. दरअसल, पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर पहले से ही नियामकीय दबाव बना हुआ था. जनवरी 2024 से बैंक पर कई तरह की पाबंदियां लागू थीं, जिनके तहत नए जमा स्वीकार करने पर रोक लगा दी गई थी. इसके चलते बैंक को धीरे-धीरे अपने परिचालन को सीमित करना पड़ा था. अब ताजा फैसले के बाद बैंक के रूप में इसकी भूमिका पूरी तरह समाप्त हो गई है, जिससे कंपनी के फिनटेक ढांचे में बड़ा बदलाव आना तय माना जा रहा है.
कंपनी ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इसका उसके निकट भविष्य के राजस्व पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा. कंपनी के मुताबिक, पेमेंट्स बैंक का कारोबार पहले ही काफी हद तक सीमित हो चुका था और उसके संचालन को पार्टनर-आधारित मॉडल में स्थानांतरित किया जा चुका था. ऐसे में इस फैसले का वित्तीय प्रभाव सीमित रहने की संभावना जताई गई है.
अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने भी इस मामले पर अपनी राय दी है. फर्म ने पेटीएम के शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग को बरकरार रखा है, लेकिन लक्ष्य मूल्य को घटाकर 1,400 रुपये प्रति शेयर कर दिया है, जो पहले 1,470 रुपये था. नए लक्ष्य के अनुसार, मौजूदा स्तर से शेयर में करीब 30 प्रतिशत से अधिक की संभावित बढ़त की गुंजाइश बनी हुई है.
गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि RBI का यह कदम निश्चित रूप से एक नकारात्मक संकेत है, लेकिन इसका सीधा असर कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर नहीं पड़ेगा. हालांकि, सबसे बड़ा जोखिम ग्राहकों और व्यापारियों के भरोसे में कमी आने का है, जो कंपनी के लिए चुनौती बन सकता है. इसके बावजूद, ब्रोकरेज का कहना है कि पेटीएम का मुख्य व्यवसाय अभी भी स्थिर गति से आगे बढ़ रहा है, जिससे लंबे समय में कंपनी की स्थिति मजबूत रह सकती है. First Updated : Monday, 27 April 2026