नई दिल्ली: 2026 में सोने की कीमत ₹1.80 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंचने के बाद इसे ‘बबल टेरिटरी’ में माना जा रहा है. Reserve Bank of India (RBI) के संकेतों के अनुसार, इस स्तर पर कीमतों में तेज गिरावट की संभावना भी बनी हुई है.
उच्च स्तरों पर मुनाफावसूली के कारण बाजार में अस्थिरता (Volatility) बढ़ सकती है, जिससे शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. SEBI ने खासतौर पर अनरेगुलेटेड डिजिटल गोल्ड में निवेश को जोखिम भरा बताया है.
विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशक एकमुश्त निवेश करने के बजाय SIP या STP के जरिए चरणबद्ध निवेश करें. साथ ही FOMO यानी जल्दबाजी में खरीदारी से बचना जरूरी है.
हालांकि, लंबी अवधि में सोने का परिदृश्य सकारात्मक माना जा रहा है, लेकिन फिलहाल बाजार में सतर्क रहना ही समझदारी है.