साल 2025 भारतीय शराब उद्योग के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है. ग्लोबल रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की सबसे ज़्यादा बिकने वाली शराब का ताज एक भारतीय ब्रांड McDowell’s No.1 व्हिस्की के सिर सजा है. महज ₹680 में मिलने वाली इस देसी व्हिस्की ने महंगी विदेशी ब्रांड्स को भी पछाड़ दिया है. Drinks International की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, McDowell’s No.1 ने 30.1 मिलियन केस की बिक्री के साथ दुनिया में नंबर-1 शराब का खिताब हासिल कर लिया है.
इस ग्लोबल लिस्ट में खास बात ये रही कि टॉप 4 में से तीन स्थान भारतीय ब्रांड्स ने हासिल किए हैं. दूसरे नंबर पर Imperial Blue रहा, जिसकी बिक्री 28.7 मिलियन केस रही. तीसरे स्थान पर Royal Stag, और चौथे पर Officer’s Choice ने जगह बनाई. इससे साफ है कि भारत की शराब इंडस्ट्री अब सिर्फ घरेलू नहीं रही, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबदबा बना रही है.
McDowell’s की सफलता का सबसे बड़ा कारण इसकी अत्यधिक किफायती कीमत है. दिल्ली में 750ml बोतल की कीमत करीब ₹400 और मुंबई में ₹680 है. यही वजह है कि यह ब्रांड भारत के हर वर्ग की पार्टी का हिस्सा बन चुकी है. इसकी स्मूदनेस और मजबूत फ्लेवर के साथ-साथ आसान उपलब्धता ने इसे लाखों लोगों की पसंद बना दिया है.
McDowell’s अकेला ऐसा ब्रांड नहीं है जो कम कीमत में उच्च बिक्री करता है. इंपीरियल ब्लू सुपीरियर ग्रेन (₹640), रॉयल स्टैग डीलक्स (₹780), और बैगपाइपर डीलक्स (₹550) जैसी व्हिस्की भी बाजार में काफी लोकप्रिय हैं. ये ब्रांड्स भी स्थानीय अनाज और आयातित स्कॉच के मिश्रण से तैयार की जाती हैं जिससे इनकी लागत कम रहती है और स्वाद बेहतर.
2023-24 के दौरान भारत का व्हिस्की बाजार जबरदस्त गति से बढ़ा है. देश में मध्यम वर्ग की आय में वृद्धि, उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताएं, और प्रीमियम उत्पादों की मांग इस ग्रोथ के पीछे मुख्य कारण हैं. भारत अब न केवल विश्व का सबसे बड़ा व्हिस्की उपभोक्ता बन चुका है, बल्कि देसी ब्रांड्स की ग्लोबल लीडरशिप भी स्थापित कर चुका है. First Updated : Friday, 04 July 2025