आज से लागू हुई नई एक्सपोर्ट ड्यूटी, डीजल और ATF निर्यात हुआ महंगा, जानिए आम जनता पर कितना पड़ेगा असर

केंद्र सरकार ने डीजल और एटीएफ के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी बढ़ा दी है, जो आज से लागू हो गई है. हालांकि, आम उपभोक्ताओं पर किसी तरह का सीधा असर पड़ने की संभावना नहीं है.

calender

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी में बढ़ोतरी कर दी है. राजस्व विभाग की ओर से जारी नई अधिसूचना के अनुसार, डीजल के निर्यात पर अब 14 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ के निर्यात पर 12.50 रुपये प्रति लीटर की दर से एक्सपोर्ट ड्यूटी वसूली जाएगी. संशोधित दरें मंगलवार से लागू हो गई हैं.

हालांकि, सरकार ने पेट्रोल के निर्यात शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया है. साथ ही घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क भी पहले की तरह बरकरार रखा गया है. इससे आम उपभोक्ताओं पर किसी तरह का सीधा असर पड़ने की संभावना नहीं है.

हर 15 दिन में होती है समीक्षा

सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों को ध्यान में रखते हुए निर्यात शुल्क की समय-समय पर समीक्षा करती है. पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच घरेलू आपूर्ति बनाए रखने के उद्देश्य से मार्च से विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और रोड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस लागू किया गया था. इन दरों की समीक्षा हर पखवाड़े की जाती है और जरूरत के अनुसार बदलाव किए जाते हैं.

ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सरकार का भरोसा

इस बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट की है. मंत्रालय का कहना है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं.

सरकार ने उद्योगों और बड़े व्यावसायिक उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने निर्धारित उपभोक्ता पंपों से ही डीजल की खरीद करें, ताकि खुदरा पेट्रोल पंपों पर अतिरिक्त दबाव न बढ़े.

रिटेल आउटलेट्स पर दबाव कम करने की कोशिश

हाल के महीनों में बड़ी मात्रा में डीजल की मांग रिटेल पंपों की ओर स्थानांतरित हुई है, जिससे कुछ इलाकों में आपूर्ति संबंधी चुनौतियां सामने आईं. इसे देखते हुए सरकार ने अस्थायी रूप से डीजल की खुदरा बिक्री पर 200 लीटर प्रतिदिन प्रति व्यक्ति की सीमा तय की है.

सरकार का कहना है कि यह कदम किसी कमी की वजह से नहीं बल्कि आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने के लिए उठाया गया है. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. First Updated : Tuesday, 16 June 2026