New GST rates: सरकार ने आम आदमी के लिए बड़ा तोहफा दिया है. केंद्र सरकार ने कई उपभोक्ता वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती की है. इस फैसले का उद्देश्य घरेलू मांग को बढ़ावा देना और अमेरिकी टैरिफ के दबाव का सामना कर रही भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है.
बुधवार देर शाम हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि जीएसटी काउंसिल ने टैक्स ढांचे को सरल बनाते हुए मौजूदा चार स्लैब (5%, 12%, 18% और 28%) को घटाकर दो स्लैब (5% और 18%) कर दिया है. इसके साथ ही विलासिता की वस्तुओं और सिन गुड्स के लिए 40% का नया टैक्स स्लैब लागू किया गया है. नई दरें 22 सितंबर यानी नवरात्रि के पहले दिन से लागू होंगी.
निर्मला सीतारमण ने कहा, "यह सुधार सिर्फ दरों को तर्कसंगत बनाने तक सीमित नहीं है. यह संरचनात्मक सुधार भी है. यह लोगों की 'जीवन की सुगमता' बढ़ाने और व्यवसायों के लिए जीएसटी को सरल बनाने के बारे में है."
उन्होंने आगे कहा कि स्लैब कम होने से कारोबारियों को राहत मिलेगी और कर ढांचे में स्थिरता व पारदर्शिता आएगी. सरकार मुआवजा सेस के मुद्दे पर भी विचार कर रही है.
वित्त मंत्री ने बताया कि रोजमर्रा के उपयोग की लगभग सभी वस्तुओं पर कर दरों की गहन समीक्षा की गई और अधिकतर मामलों में इन्हें घटाया गया है. इससे आम आदमी को बड़ी राहत मिलेगी.
निर्मला सीतारमण ने बताया, "श्रम-प्रधान उद्योगों को विशेष सहयोग दिया गया है. किसान और कृषि क्षेत्र के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र को भी इस सुधार से फायदा होगा."
सरकार का दावा है कि नए जीएसटी ढांचे से न केवल उल्टे शुल्क संरचना (inverted duty structure) की समस्या का समाधान होगा बल्कि वर्गीकरण से जुड़ी उलझनें भी खत्म होंगी. इससे उद्योगों और कारोबारियों को भविष्य में एक स्थिर और भरोसेमंद कर प्रणाली मिलेगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस भाषण में जीएसटी दरों में कटौती की घोषणा की थी. बुधवार को काउंसिल द्वारा मंजूरी मिलने के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, "ये व्यापक सुधार हमारे नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाएंगे और सभी के लिए खासकर छोटे व्यापारियों और कारोबारियों के लिए व्यापार करने में आसानी सुनिश्चित करेंगे." First Updated : Thursday, 04 September 2025