भारत में डिजिटलाइजेशन और डिजिटल पेमेंट्स के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है. इसी कड़ी में फोनपे ने क्रेडिट और डेबिट कार्ड के लिए डिवाइस टोकनाइजेशन सॉल्यूशन लॉन्च किया है. इस सुविधा के माध्यम से यूजर्स अब बिल पेमेंट, रिचार्ज, टिकट बुकिंग, बीमा पॉलिसी खरीदने और अन्य ऑनलाइन पेमेंट्स को और भी सुरक्षित तरीके से कर सकेंगे. इससे ऑनलाइन फ्रॉड की संभावना भी कम होगी.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार, टोकनाइजेशन का मतलब है कि आपके क्रेडिट या डेबिट कार्ड के विवरण को एक अद्वितीय टोकन से बदल दिया जाए. डिवाइस टोकनाइजेशन एक सुरक्षित तरीका है, जिसमें आपके कार्ड डिटेल्स को एक टोकन में बदलकर केवल उसी डिवाइस पर वैलिड किया जाता है, जिससे टोकन जेनरेट हुआ था. इससे डेटा लीक और फ्रॉड के खतरे कम हो जाते हैं और पेमेंट प्रक्रिया सुरक्षित रहती है.
फोनपे के टोकनाइजेशन सॉल्यूशन से ट्रांजैक्शन की गति तेज होगी. चेकआउट ड्रॉपऑफ कम होगा. यूजर्स को बार-बार अपने कार्ड डिटेल्स डालने की आवश्यकता नहीं होगी. इसके साथ ही OTP और CVV एंटर किए बिना पेमेंट्स की सफलता दर बढ़ेगी. इसके अलावा, कारोबारियों को टोकेनाइज्ड कार्ड के बढ़ते नेटवर्क का लाभ मिलेगा. इस नई सुविधा को शुरुआत में वीजा क्रेडिट और डेबिट कार्ड के लिए शुरू किया गया है और बाद में मास्टरकार्ड, रूपे और अमेरिकन एक्सप्रेस को भी इसमें शामिल किया जाएगा. First Updated : Wednesday, 19 February 2025