Reactions On Budget 2025: भारत सरकार ने 2025-26 के बजट में मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति को बढ़ाने और निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए व्यक्तिगत आयकर दरों में कटौती की योजना बनाई है. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब देश की अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ने के संकेत दे रही है और अगले वर्ष बीते चार वर्षों की सबसे धीमी वृद्धि दर दर्ज करने की संभावना है. खुदरा महंगाई और कमजोर निजी निवेश के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बना हुआ है.
खासकर, खाद्य मुद्रास्फीति के उच्च स्तर पर बने रहने से लोगों की क्रय शक्ति प्रभावित हुई है. ऐसे में सरकार द्वारा किए गए ये नए प्रावधान आर्थिक सुधारों में मदद कर सकते हैं. इस बजट के बाद विभिन्न उद्योग जगत के दिग्गजों और विशेषज्ञों ने अपनी-अपनी राय दी है. तो चलिए जानते है किसने क्या कहा?
"घोषित टैक्स राहत उपायों के कारण राजस्व प्राप्तियों की वृद्धि सीमित हो गई है, जिससे राजकोषीय घाटे को कम करने के लिए खर्च में कटौती करनी पड़ी है. हालांकि, पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देना जारी रखा गया है."
"लगभग 25-30 मिलियन व्यक्तिगत करदाताओं को सालाना 1,00,000 रुपये तक की बचत होगी, जिससे वाहन खरीद जैसे वैकल्पिक खर्चों में वृद्धि होगी. यह करदाताओं की ईएमआई चुकाने की क्षमता को भी मजबूत करेगा."
"अगले तीन वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर केंद्रों की स्थापना से कैंसर के इलाज की पहुंच बढ़ेगी. 36 जीवन रक्षक कैंसर दवाओं को सीमा शुल्क से मुक्त करने का निर्णय भी मरीजों के लिए आर्थिक राहत प्रदान करेगा."
बजट 2025 पर टाटा मोटर्स के कार्यकारी निदेशक गिरीश वाघ ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी हैं. उन्होंने कहा, "बैटरी निर्माण के लिए आवश्यक प्रमुख सामग्रियों पर बुनियादी सीमा शुल्क हटाने से घरेलू इलेक्ट्रिक वाहन (EV) उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और भारत को हरित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने में मदद मिलेगी."
अडानी विल्मर के एमडी और सीईओ अंगशु मलिक ने कहा, "यह बजट कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. फसल विविधीकरण और कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे में सुधार पर ध्यान केंद्रित करना एक महत्वपूर्ण कदम है."
बजट 2025 पर ITC के चेयरमैन संजीव पुरी ने भी अपनी राय रखी है. उन्होंने कहा, "मध्यम वर्ग को दी गई कर राहत सराहनीय है. उपभोग अर्थव्यवस्था का 60% हिस्सा बनाता है, ऐसे में इसे बढ़ावा देना आवश्यक था."
ग्रान्यूल्स इंडिया के चेयरमैन और एमडी कृष्णा प्रसाद चिगुरुपति ने बजट 2025 को लेकर कहा कि, "36 जीवन रक्षक दवाओं को सीमा शुल्क से मुक्त करना और 6 आवश्यक दवाओं को 5% रियायती शुल्क के अंतर्गत लाना दवाओं की उपलब्धता और वहनीयता को बढ़ाएगा."
"नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन की घोषणा और महत्वपूर्ण खनिजों के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं का विस्तार नवीकरणीय ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र को गति देगा."
"लघु अवधि में उपभोग वृद्धि के लिए यह बजट सकारात्मक है, जबकि दीर्घकालिक रूप से यह व्यापार करने की सुगमता और निर्माण लागत को कम करने में मदद करेगा."
"सरकार का बुनियादी ढांचा विकास के लिए पूंजीगत व्यय में अपेक्षित वृद्धि न कर पाना एक नकारात्मक संकेत है. रक्षा क्षेत्र में कटौती भी चिंता का विषय है."
"बजट में मध्यम वर्ग के लिए दी गई कर राहत से रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूती मिलेगी और घरों की मांग में इजाफा होगा."
एडलवाइस एसेट मैनेजमेंट की एमडी और सीईओ राधिका गुप्ता ने कहा, "इस बजट में मध्यम वर्ग के हाथों में अधिक पैसा देने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं, जो उपभोग और आर्थिक वृद्धि को गति देगा."
डीबीएस बैंक की वरिष्ठ अर्थशास्त्री राधिका राव ने भी बजट 2025 को अच्छा बताया है. उन्होंने कहा, "यह बजट अल्पकालिक और मध्यम अवधि की प्राथमिकताओं पर केंद्रित रहा. राजकोषीय अनुशासन को प्राथमिकता दी गई है और कर राहत उपायों से उपभोग को प्रोत्साहित किया गया है."
आपको बता दे कि 2025-26 के केंद्रीय बजट में सरकार ने मध्यम वर्ग और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया है. व्यक्तिगत आयकर कटौती से उपभोग शक्ति बढ़ने की उम्मीद है, जबकि विभिन्न क्षेत्रों में किए गए सुधारों से दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि को समर्थन मिलेगा. हालांकि, बुनियादी ढांचे और रक्षा क्षेत्र में पूंजीगत व्यय में अपेक्षित वृद्धि न हो पाने को लेकर कुछ विशेषज्ञों ने चिंता भी व्यक्त की है. First Updated : Sunday, 02 February 2025